राँची में 112 पर पुलिस को सूचना देना पहले युवक को महंगा पड़ा…फिर थानेदार की कार्रवाई से थानेदार को भी मंहगा पड़ा…एसएसपी ने थानेदार और एक दरोगा को किया सस्पेंड…

राँची। राजधानी राँची के अरगोड़ा थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर ब्रह्मदेव प्रसाद और एक सब इंस्पेक्टर दिवाकर को एसएसपी राकेश रंजन ने निलंबित कर दिया है।इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिया गया है। हालांकि वे निलंबन की अवधि में पुलिस लाइन में ही रहेंगे।सस्पेंड होने के बाद उन्हें सामान्य जीवन यापन भत्ता के अलावा अन्य कोई भत्ता नहीं मिलेगा।एसएसपी ने यह कार्रवाई सिटी एसपी के जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।

मिली जानकारी के अनुसार,थानेदार पर कुछ युवकों को वेबजह थाना में मारपीट और हाजत में बंद कर टार्चर करने का आरोप है।बताया जाता है कि बीते रविवार की शाम को एक युवक ने 112 नम्बर कॉल कर अपहरण होने की घटना की सूचना दी थी।सूचना मिलने के बाद अरगोड़ा पुलिस मौके पर पहुँची थी।लेकिन वहां कुछ नहीं मिला था।पुलिस को लगा कि सूचना देने वाले ने फर्जी कॉल कर पुलिस को तंग किया।उसके बाद थानेदार ने सूचना देने वाले युवक का लोकेशन निकाला और दो तीन युवकों को जगरनाथपुर इलाके से पकड़ थाना लाया।पहले जमकर पिटाई की फिर हाजत में बंद कर दिया।उसके बाद देर रात युवकों के परिजन थाना पहुँचे।उन्होंने थानेदार से जानना चाहा कि आखिर क्यों पकड़ा है।थानेदार ने परिजनों की नहीं सुनी और थाना से निकल गए।इसी बीच परिजन ने इसकी जानकारी राँची के एसएसपी राकेश रंजन को दी।एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी पारस राणा देर रात करीब साढ़े 12 बजे अरगोड़ा थाना पहुँचे।सिटी एसपी ने सूचना देने वाले युवक को हाजत में बंद पाया।जब उन्होंने थाना के मुंशी और ओडी पदाधिकारी सब इंस्पेक्टर दिवाकर सहित अन्य पुलिस वाले से हाजत में युवको के बंद करने का कारण पूछ तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।फिर रात में थानेदार ब्रह्मदेव प्रसाद को आवास से थाना बुलाया गया।एसपी ने युवक को थाना में बंद करने के कारण पूछा तो थानेदार ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।उसके बाद सिटी एसपी के निर्देश पर युवक को छोड़ दिया गया।

इधर मामले को एसएसपी ने गंभीरता से लेते हुए पूरी घटना की जांच करने सिटी एसपी पारस राणा कहा।सिटी एसपी ने जांच का जिम्मा डीएसपी को सौंपा।सिटी एसपी और डीएसपी के जांच रिपोर्ट आने के बाद एसएसपी ने राँची के जोनल आईजी को पत्र लिखकर थानेदार पर कार्रवाई करने का अनुमोदन प्राप्त किया।उसके बाद एसएसपी ने थानेदार ब्रह्मदेव प्रसाद और दरोगा को गुरुवार की रात को सस्पेंड कर दिया है।वहीं अरगोड़ा थाना के नए थानेदार अनिल कुमार तिवारी को बनाया।नए थानेदार ने आज पदभार ग्रहण कर लिया है।

बता दें अनमोल मिश्रा नामक युवक घटना के दिन ही थाना में आवेदन दिया था।आवेदन के आधार पर पुलिस मामला दर्ज किया गया है।अनमोल ने पुलिस को बताया कि उसका घर जयनाथपुर लोहरदगा थाना एवं जिला-लोहरदगा वर्तमान पता- बेलबगान थाना-चुटिया है।वे यादव जी के किराये के मकान पर रहता है।दिनांक 05/10/2025 समय करीब 5.30 बजे संध्या को हेहल अंचल पुल पर कुछ लड़कों ने हमारा हुण्डय वेन्यू कार को रोक कर मुझे और मेरे दोस्त बलवंत नारायम सिंह को गाड़ी से उतारकर मारा पिटा गया।निशांत सिंह और शुभम कुमार और अन्य तीन लोग मुझे अपने स्कोर्पियों में घुसाये और मारपीट तथा गाली गलौज करते ते हुए जगनाथपुर थाना अंतर्गत विवेकानन्द विद्यालय के जंगल में ले जाकर मारपीट की तथा उनलोगों के साथ 25-30 लोग वहाँ पर आ गए थे। उनलोगों ने मेरे दोस्त बलवंत को मेरे भाई गौरव को फोन करवाकर जानकारी दी।यहाँ पर आओं और अपने भाई को लेकर जाओ। मेरे भाई गौरव के द्वारा अनुरोध करने पर उनलोगों ने मुझे छोड़ दिया। जिसके आधार पर अरगोड़ा थाना कांड संख्या-212/2025, दिनांक-05/10/2025, धारा-137(2)/126(2)/115(2)352/3(5) BNS के अंतर्गत एक सफेद स्कोर्पियों पर सवार 1.निशांत सिंह 2. शुभम कुमार एवं 20-30 लोग के विरूद्ध कांड दर्ज किया।

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