….. हुजूर पति भी छोड़ दिया और पिता भी अपने घर में नहीं रहने दे रहे हैं, जाएं तो कहां जाएं
–सदर थाना में आयोजित थाना दिवस में एसपी सुमित अग्रवाल दिखे गार्जियन की भूमिका में, 33 मामले आए, समझा बूझा कर 10 मामलों का किया निष्पादन
चतरा।हुजूर पति भी छोड़ दिया है और पिता भी घर में नहीं रहने दे रहे हैं, अब वह जाए तो कहां जाएं। सदर थाना क्षेत्र के दुंबी गांव निवासी सविता देवी की यह गुहार सुनकर थोड़ी देर के लिए पुलिस पदाधिकारी भी सकते में आ गए। पुलिस पदाधिकारियों ने महिला के पिता हरी भुइंया को बुलाया और समझाया कि कष्ट के समय में आपको अपनी बेटी का साथ देना चाहिए ना कि उसे प्रताड़ित किजिए। पुलिस पदाधिकारियों ने महिला के पिता से बाॅड भरवाया और बेटी को अपने घर में साथ में रखने और उसका भरण पोषण करने की हिदायत दी। दरअसल बुधवार को सदर थाना में थाना दिवस कार्यक्रम आयोजित था। इसमें एसपी सुमित कुमार जायसवाल, एसडीपीओ संदीप सुमन, अंचलाधिकारी अनिल कुमार, सदर थाना प्रभारी विपिन कुमार, महिला थाना प्रभारी सुषमा कुमारी सहित अन्य कई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। थाना दिवस में थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। इसमें सबसे अधिक मामले भूमि विवाद और घरेलु हिंसा के आए। थाना दिवस में कुल 33 मामले आए। जिसमें 10 मामलों का निष्पादन ऑन द स्पाॅट किया गया। जबकि 23 मामलों को संबधित विभाग को भेजते हुए अविलंब मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
दो माह से एफआईआर के लिए दौड़ रही महिला का अविलंब एफआईआर का दिया गया निर्देश
व्यवहार न्यायालय में घरेलू हिंसा से संबंधित परिवाद पत्र के एक मामले एसपी ने सदर थाना प्रभारी को अविलंब एफआईआर करने का निर्देश थाना दिवस कार्यक्रम में दिया। शहर के लाइन मोहल्ला निवासी साइमा इरम का रांची निवासी पति कपील अहमद उसे प्रताड़ित करता है। महिला ने पति के विरुद्ध व्यवहार न्यायालय में परिवाद पत्र दायर किया है। इसके बाद से वह पति के विरुद्ध एफआईआर के लिए दौड़ लगा रही थी। एसपी सुमित कुमार जायसवाल ने थाना प्रभारी को इस मामले में अविलंब एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
बाप मर भी जाएगा तो लाश उठाने भी नहीं जाएंगे सर…..
थाना दिवस में शहर के किशुनपुर मोहल्ला के बुजुर्ग इश्वर मिस्त्री और उसकी पत्नी कुंती देवी अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। बुजुर्ग दंपति का कहना था कि उसका बेटा सुरेश राणा उसके साथ मारपीट करता है। इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उसके बेटे सुरेश राणा को बुलवाया। सुरेश राणा ने पुलिस को बताया कि उसके पिता अपने हिस्से का जमीन अपनी बेटी को देना चाहते हैं। इसपर पुलिस पदाधिकारियों ने सुरेश को समझाने का प्रयास किया कि पैतृक संपत्ति में बेटी का भी अधिकार होता है, यदि उसके पिता अपनी बेटी को जमीन देना चाहते हैं तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता। इसपर गुस्से से लाल हुए सुरेश राणा ने पुलिस पदाधिकारियों ने कहा कि ठीक है सर यदि उसका बाप बेटी को जमीन दे देता है तो वह मर भी जाएगा तो उसका लाश उठाने भी वह नहीं जाएगा। ऐसे ही दर्जनों पारिवारिक मामले थाना दिवस कार्यक्रम में आए। जिसका समाधान करने का प्रयास पुलिस पदाधिकारियों ने किया।
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