सात गारंटी पर एक कदम आगे नहीं बढ़ी हेमंत सरकार :बाबूलाल मरांडी

राँची। भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार पार्ट-2 की पहली वर्षगांठ पर सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, मुख्य सचेतक विधायक नवीन जायसवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, आरोप पत्र समिति के सदस्य रविनाथ किशोर ने आरोप पत्र जारी किया। आरोप पत्र जारी करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार के 6 साल बर्बादी के 6 साल हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय जो सात गारंटी दी थी, उस पर राज्य सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी।

उन्होंने कहा कि यह अबुआ सरकार नहीं, बल्कि ठगों की सरकार है, जिसने युवाओं, महिलाओं, किसानों, आदिवासी, पिछड़े, दलित, बुजुर्ग, दिव्यांग, स्कूली बच्चे सभी को ठगा है। उन्होंने 1932 खतियान आधारित नीति लाने की पहली गारंटी को बड़ा धोखा बताया। यहां की भाषा-संस्कृति का संरक्षण नहीं हो रहा है, बल्कि 21वीं सदी में भी चंगाई सभा के नाम पर अंधविश्वास को बढ़ावा और संरक्षण देने में हेमंत सरकार जुटी है। उन्होंने चंगाई सभा को पूरी तरह बंद करने की मांग की। दूसरी गारंटी मंईयां सम्मान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज लाखों बहनों को धोखा दिया जा रहा है। वोट लेकर नाम काट दिए गए। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं पोर्टल नहीं खुलने की शिकायत लेकर दर-दर भटक रही हैं, पर कोई सुनने वाला नहीं। सम्मान राशि रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खातों में भेजी जा रही है। मरांडी ने कहा कि सामाजिक न्याय की तीसरी गारंटी भी पूरी तरह फेल साबित हुई। पंचायत चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के हुए। निकाय चुनाव में भी कुछ नहीं हुआ। एससी, एसटी आरक्षण पर भी धोखा दिया। मरांडी ने कहा कि चौथी गारंटी जो खाद्य सुरक्षा की थी, उसमें तो लूट ही लूट मची है। 7 किलो अनाज तो मिला नहीं उल्टे 5 किलो अनाज भी लूट लिए गए। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के पतना में बड़ा घोटाला जांच में उजागर हुआ। 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने के वादे को तो सरकार के मंत्री ने सिरे से नकार दिया। रोजगार और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित पांचवीं गारंटी जिसमें 10 लाख नौकरी, 15 लाख का स्वास्थ्य बीमा पूरी तरह झूठा साबित हुआ। बड़े समारोह में 8791 लोगों को नियुक्ति पत्र देकर सरकार ढिंढोरा पीट रही है, जबकि पिछले 6 वर्षों में लगभग 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी तो रिटायर हो चुके हैं। स्वीकृत पद से आधे कर्मचारी पदाधिकारी भी आज नियुक्त नहीं। उल्टे इस सरकार ने दो लाख से अधिक पद समाप्त कर दिए। उन्होंने कहा कि छठी गारंटी शिक्षा की और जिलों में 500 एकड़ का औद्योगिक पार्क बनाने की थी। जिस पर क्या हुआ यह जग जाहिर है। सरकार बताए कितने प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले गए। कितने जिलों में मेडिकल इंजीनियरिंग की यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। किस जिले में 500 एकड़ का औद्योगिक पार्क स्थापित हुआ। 7वीं गारंटी जो किसानों को धान खरीद में 3200 रुपये एमएसपी देने की थी पूरी तरह झूठा साबित हुआ। केंद्र द्वार स्वीकृत 2300 रुपये में 100 रुपये का बोनस देकर हेमंत सरकार ने 2400 रुपये एमएसपी निर्धारित किए। इस दर में भी लक्ष्य से आधे धान की भी खरीद नहीं हुई। कई जिलों में जो धान खरीद हुई उसके पैसे आज भी बकाए हैं।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार में राज्य में शराब, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा, डीएमएफटी फंड, मैन पावर सप्लाई, गृह विभाग सामग्री खरीद, स्पोर्ट्स किट, भवन निर्माण, सरकारी टेंडर प्रक्रिया, डिग्री, जन्म प्रमाणपत्र, सरकारी रिक्त पद, आपदा मोचन निधि, स्वास्थ्य विभाग में तुष्टीकरण घोटाले हुए। उन्होंने कहा कि अबुआ सरकार में आदिवासी समाज सर्वाधिक बदहाल है। आज राज्य में सर्वाधिक दुष्कर्म की वारदातें आदिवासी युवतियों के साथ हुई हैं। दुमका से चाईबासा तक आदिवासी प्रताड़ित हो रहे हैं। राज्य की डेमोग्राफी बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठियों से बदल रही और राज्य सरकार इनका संरक्षण कर रही। विधानसभा में पहली बार सत्ता पक्ष के लोग एसआईआर का विरोध करते हुए बेल में घुस गए। सरकार के मंत्री बीएलओ को पकड़कर बंधक बनाने की धमकी भरी भाषा बोल रहे। उन्होंने कहा कि आखिर किस बात का डर राज्य सरकार को सता रही। उन्हें तो घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अवैध मतदाताओं को चिन्हित करने में चुनाव आयोग की प्रक्रिया का सहयोग करना चाहिए।

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