चंदवा में देर रात ट्रेन की चपेट में आया हाथी का बच्चा, हो गई मौत,माँ के बच्चे से अलग होने के बाद हुआ पोस्टमार्टम…
लातेहार।झारखण्ड के लातेहार जिले के चंदवा में सोमवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे में हाथी के बच्चे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। घटना जिले के बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर महुआमिलान और निद्रा रेलवे स्टेशन के बीच डाउन लाइन पर हुई। हादसा चंदवा थाना क्षेत्र के पुतरी टोला गांव के पास हुआ, जहां हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों का एक झुंड जंगल से निकलकर रेलवे लाइन पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में एक हाथी का बच्चा आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाथी का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद ट्रेन आगे बढ़ गई, जबकि घायल हाथी ट्रैक के किनारे तड़पता रहा। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू करने का प्रयास किया।हालांकि स्थिति बेहद संवेदनशील थी, क्योंकि झुंड के अन्य हाथी वहीं आसपास डटे हुए थे।
हादसे के बाद जंगली हाथियों का झुंड रेलवे लाइन के किनारे ही डेरा जमाए रहा। बताया गया कि झुंड काफी आक्रोशित था और किसी को भी घायल हाथी के पास नहीं जाने दे रहा था। हाथी की मां लगातार उसके पास मौजूद रही, जिससे स्थिति और भी भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण हो गई।वन कर्मी, ग्रामीण और पशु चिकित्सक मौके पर मौजूद थे, लेकिन हाथियों के आक्रामक व्यवहार के कारण कोई भी नजदीक नहीं जा सका।वन विभाग और रेलवे अधिकारियों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घटना के बाद अप और डाउन दोनों रेल लाइनों पर परिचालन पूरी तरह ठप हो गया।यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे और वन विभाग के अधिकारी पूरी रात घटनास्थल पर डटे रहे।रेंजर नंदकुमार महतो और डीएफओ प्रवेश अग्रवाल देर रात चंदवा पहुंचे और स्थिति की समीक्षा की। रेलवे अधिकारियों की पहल पर एक लाइट इंजन की व्यवस्था की गई, जिसके माध्यम से अधिकारी घटनास्थल के करीब तक पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
घायल हाथी के पास उसकी मां लगातार मौजूद रही।वह अपने बच्चे के आसपास घूमती रही और किसी को पास नहीं आने दे रही थी। यह दृश्य बेहद मार्मिक था।अधिकारी और वनकर्मी भी इस ममत्व को देखकर भावुक हो गए।लगातार प्रयासों के बावजूद हाथी के बच्चे की हालत बिगड़ती गई।आधी रात के बाद गंभीर रूप से घायल हाथी ने दम तोड़ दिया।
मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम दोबारा घटनास्थल पर पहुंची।हाथी के शव के अंत परीक्षण (पोस्टमार्टम) की तैयारी शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस हादसे के कारण अप रेलवे लाइन पर लगभग सात घंटे और डाउन लाइन पर करीब 12 घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा। मंगलवार को स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू किया गया। यह घटना एक बार फिर रेलवे ट्रैक और वन्यजीवों के बीच टकराव की गंभीर समस्या को उजागर करती है।विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों के पारंपरिक मार्गों की पहचान कर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

