धनबाद में कोयला कारोबारियों के खिलाफ ईडी की सुबह सुबह दबिश,मच गया हडकंप
धनबाद।झारखण्ड के कोयले की राजधानी कहे जाने वाले धनबाद कोयलांचल में शुक्रवार की अहले सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम की दबिश ने सर्दी के मौसम में गर्मी का अहसास करा दिया। शहर के कई कोयला कारोबारी के ठिकानों पर ईडी ने सुबह से छापेमारी कर रही है। सदर थाना क्षेत्र, मेमको मोड़ के समीप ट्रीनिटी गार्डन के फ्लैट में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने एक व्यवसायी के आवास पर छापा मारा।इस कार्रवाई के तहत धनसार स्थित कोयला आउटसोर्सिंग कंपनी डेको का कार्यालय, मालिक मनोज अग्रवाल का घर तथा कंपनी के निदेशक एके झा के आवास पर दस्तावेज और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार इसे 21 नवंबर को धनबाद और पश्चिम बंगाल में चलाए गए बड़े ईडी अभियान से जोड़ा जा रहा है। उस समय कोयला कारोबारियों के घरों और कार्यालयों पर तलाशी पड़ चुकी है।जांच में अवैध कोयला खनन, तस्करी और धन शोधन से जुड़े वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है। साथ ही जीएसटी और टैक्स संबंधी अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन यह कार्रवाई कोयला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार और गैरकानूनी गतिविधियों के नेटवर्क को उजागर करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार,ईडी की टीम ने कोयला कारोबारी इंद्रराज भदौरिया, सुधीर चौटाला और डेको आउटसोर्सिंग कंपनी के संचालक मनोज अग्रवाल के आवास व व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।यह कार्रवाई अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है। ईडी को आशंका है कि कोयला परिवहन, डेको आउटसोर्सिंग और संबंधित कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध धन का लेन-देन किया गया है।
छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और बैंक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। टीम वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और शेल कंपनियों के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि जांच का दायरा झारखण्ड के साथ-साथ अन्य राज्यों तक भी फैल सकता है।

