क्राइम पेट्रोल देखकर रची साजिश,पंचायत रोजगार सेवक की पत्नी ही निकली कातिल, एसआइटी ने किया खुलासा
मुजफ्फरपुर।बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के माड़ीपुर रामराजी रोड में हुए मनरेगा के पंचायत सेवक मो.मुमताज़ अहमद हत्याकांड का पुलिस ने ख़ुलासा कर लिया है।उसकी पत्नी सबा फिरदौस ही कातिल निकली।उसको अपने पति का किसी दूसरी महिला से अवैध सम्बंध होने का शक था। सबा को यह भी डर था कि उसका पति प्रेमिका की बातों में आकर उसकी हत्या करवा सकता है। कई बार उनके बीच इन बातों को लेकर विवाद हुआ था। दो तीन बार मारपीट तक की नौबत आ गयी थी।इसी से डरकर उसने अपने पति मो. मुमताज अहमद की सोये अवस्था में पहले तीन बार सिर पर हथौड़े से वार किया। फिर, चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या की थी।
नगर डीएसपी वन सीमा देवी के नेतृत्व में गठित एसआइटी ने हत्याकांड का खुलासा कर लिया है। हत्या करने वाली पत्नी सबा फिरदौस को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या से पहले गायब की गयी डीबीआर बॉक्स , मोबाइल फोन, लैपटॉप व टैब बरामद कर लिया है।पुलिस को घटना के दिन ही बेड पर फेंका हुआ चाकू बरामद हुआ था। पुलिस की पूछताछ में सबा फिरदौस ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।पुलिस ने उसको सोमवार को कोर्ट में प्रस्तुत किया।वहां से न्यायिक हिरासत में भेजने की कवायद जारी है।
एसएसपी सुशील कुमार ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि माड़ीपुर रामराजी रोड में मनरेगा के पंचायत रोजगार सेवक मो. मुमताज अहमद की चाकू से गला रेतकर बीते सात जुलाई की रात हत्या कर दी गयी थी।हत्याकांड के खुलासे के लिए सिटी एसपी कोटा किरण कुमार के अनुश्रवण में नगर डीएसपी वन सीमा देवी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।टीम ने मैनुअल व वैज्ञानिक इनपुट के आधार पर हत्याकांड का खुलासा कर लिया है।मृतक की पत्नी सबा फिरदौस ने अकेले ही हत्याकांड को अंजाम दिया था। रात में सोये अवस्था में हथौड़ी से सिर पर वार किया।फिर, चाकू से गला रेता. फिर, उसके शरीर पर कई जगहों पर वार किया। हत्या करने के बाद लूटपाट का शक्ल देने के लिए फर्स्ट फ्लोर के गेट का जाली काटा और पहले से कटर से काटा हुआ ताला डाल दिया।हत्या के पीछे वजह यह है कि मृतक की पत्नी सबा फिरदौस को शक था कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से चक्कर चल रहा है।उसका पति इग्नोर कर रहा है। प्रेमिका के चक्कर में पड़कर उसकी हत्या कर न कर दे। इसके लिए सबा ने खुद ही अपने पति की हत्या की साजिश रची।
सबा फिरदौस एक माह से अधिक समय से हत्या की प्लानिंग तैयार कर रही थी।वह अपने मोबाइल पर यूट्यूब से हत्या कैसे करें इसका तरीका सीख रही थी।फिर, क्राइम पेट्रोल, सस्पेंस व थ्रिलर वाली फिल्में देखी थी।पुलिस को उसका लिखा कुछ नोट्स भी मिला है। जिस पर उसने हत्या से संबंधित बातें लिखी थी। अधिकांश नोट्स में वह आजाद होना चाहती थी।
मुमताज अहमद के साथ उसके रामराजी रोड स्थित आवास पर उसका देवर भी रहता था। हत्या के दिन में भी सबा फिरदौस ने बहाना बनाकर अपने देवर को रिश्तेदार के यहां भेज दिया। उसको बोला कि रात में नहीं आना है। फिर देर शाम साढ़े सात बजे अपना- पति का समेत घर का पांच में चार मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके रेलवे ट्रैक से सटे नाली में फेंक दिया।रात्रि 1:20 मिनट पर डीबी बॉक्स सबा फिरदौस ने निकाल दी।फिर, वह लाइट कटने का इंतजार करने लगी। 2:30 जब लाइट कटी तो वह पति के सिर पर वार किया फिर गला रेत दी।
हत्या के बाद फेंके गए मोबाइल फोन व डीबी बॉक्स को ढूंढने में पुलिस को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।मेटल डिटेक्टर की मदद से नाली में खोज कर पुलिस ने एक मोबाइल फोन खोज निकाला. वहीं , चार की तलाश जारी है।वहीं, घर की सीढ़ी पर लगे खून से पुलिस को शक हुआ कि छत से डीबी बॉक्स फेंका गया है, फिर, छत से डीएसपी सीमा देवी ने देखा तो झाड़ी में डीबीआर बॉक्स दिखा तब उसको बरामद किया गया।
जिस चाकू का इस्तेमाल मुमताज अहमद की हत्या में किया गया वह कुर्बानी के लिए लाया गया था. उससे ही पति का गला रेत दिया. हत्या करने के दौरान चाकू पर फिंगरप्रिंट न आये इसके लिए चाकू में पति का ही रूमाल लपेट दिया था.

