कोडरमा में हाजत में मौत मामला:जयनगर थाना प्रभारी लाइन हाजिर, मेडिकल बोर्ड करेगा पोस्टमार्टम..
कोडरमा।झारखण्ड के कोडरमा जिले में जयनगर थाना के हाजत में विजय यादव नामक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या किये जाने के मामले में एसपी अनुदीप सिंह ने जयनगर थाना प्रभारी उमानाथ सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।उनके जगह पर सर्किल इंस्पेक्टर सुजीत कुमार को प्रभार दिया गया है।इसके साथ ही पुलिस इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के गाइड लाइन के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि पुलिस हिरासत में मौत मामले को गंभीरता से लिया गया है। थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है इसके साथ ही डीएसपी मुख्यालय को पूरे मामले की जांच सौंपी गयी है।
एसपी ने आगे कहा कि पुलिस हिरासत में किसी भी व्यक्ति की मौत होने पर उसकी जांच के लिए एनएचआरसी का जो गाइड लाइन है उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की तैयारी है। इसके लिए मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की जा रही है।

मृतक की पत्नी चमेली देवी ने पुलिस को आवेदन देकर कटिया पुलिस पिकेट के पुलिसकर्मियों पर पति के साथ मारपीट का आरोप लगाया है।महिला के अनुसार शिकायत पर रात में पहुंचे पिकेट के पुलिसकर्मी ने उनके सामने पति के साथ मारपीट की। उन्होंने विरोध किया तो उन्हें भी गालियां दी गयी।महिला ने मारपीट का आरोप प्रमोद कुमार सिंह, दीपक और चंदन सिंह पर लगाया है। महिला का कहना है कि देर रात विवाद के बाद पुलिस जब उनके पति को ले गयी तो एक कर्मी ने उप मुखिया सहदेव यादव को फोन कर कहा कि विजय यादव के साथ क्या करें।
महिला ने कहा कि उन्होंने पुलिस को विजय को वापस लाने को कहा और बैठक कर पति-पत्नी के बीच का मामला सलटा देने का आश्वासन दिया, लेकिन पुलिस वाले उनके पति को जबरन जयनगर थाना ले गए। सुबह 9 बजे महिला को फोन आया कि अपने पति को थाना से ले जाए।महिला ने कहा कि थाना में पति से बात भी की तो उन्होंने बताया कि उक्त तीनों पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ काफी मारपीट की है।इसके 10 मिनट के बाद थाना में शोर होने लगा कि विजय यादव ने दम तोड़ दिया है।महिला का कहना है कि मेरे पति की मौत पुलिस की मारपीट की वजह से हुई है।
इस पूरे मामले पर दोपहर में परिजनों ने थाने में काफी देर तक हंगामा किया और इंसाफ की मांग की।इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच हल्की नोंकझोंक भी हुई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पडा।परिजन और ग्रामीण शोर मचाते हुए थाना कार्यालय में घुसने का प्रयास कर रहे थे।ऐसे में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए थाने को पुलिस छावनी में बदल दिया गया।बारिश के बावजूद ग्रामीण घंटों थाना परिसर में अपनी मांग को लेकर डटे रहे।इस दौरान लोग पुलिस पर मारपीट कर विजय की हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विजय यादव के साथ जमकर मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गयी।
थाना में पुलिस के द्वारा मृतक की पत्नी को अंदर ले जाने पर भी लोग आक्रोशित दिखे। उनका कहना था कि पुलिस महिला पर दबाव डाल रही है, ताकि वह पुलिस के पक्ष में बयान दे।विजय यादव की पुलिस हिरासत में हुई संदिग्ध मौत को हत्या करार देते हुए कहा कि अब थाना न्याय का केंद्र नहीं बल्कि आम आदमी के लिए भय व अत्याचार का अड्डा बन गया है।

