….और कुएं में दफना दी थी लाश, कई महीने बाद खुला कत्ल का राज…30 हजार रुपये लेकर दो शूटरों ने मारी थी गोली…

 

राँची।जिला के चान्हो से एक सनसनी फैला देने वाला मामला सामने आया है।यहां एक व्यक्ति की हत्या उसकी ही पत्नी के द्वारा गोली मारकर की गई थी और शव को कुएं में दफना दिया गया था।लेकिन कहते है न कानून के लंबे हाथों से कोई नहीं बच सकता। इसी तर्ज पर सात महीने बाद राँची पुलिस में हत्याकांड का राज खोलते हुए पत्नी सहित चार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।वहीं दो नाबालिग भी पकड़ाया है।

जिले के चान्हो थाना क्षेत्र बढ़ईया गांव के रहने वाले रामबली यादव की गोली मारकर सात महीने पहले ही हत्या कर दी गई थी। रामबली यादव को जान से मारने वाला कोई और नहीं बल्कि उसकी ही दूसरी पत्नी चंपा थी। चंपा ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पहले गोली मारकर रामबली यादव की हत्या की और फिर कुएं में शव को फेंक कर जेसीबी की सहायता से कुएं को ही भरवा दिया।

बीते 10 मार्च 2025 से अपनी पति की हत्या करने के बावजूद चंपा कानून की नजरों से छुपी रही। आखिरकार चान्हो थाना के थाना प्रभारी चंदन कुमार गुप्ता ने चतुराई से पहले आरोपी पत्नी को दबोचा फिर एक एक करके सभी आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। और पुलिस के द्वारा गायब रामबली यादव को खोजने के क्रम में इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया।

दरअसल, रामबली यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बनारस का रहने वाला था।रामबली यादव पहले से शादीशुदा था लेकिन राँची आने के बाद उसने चंपा उरांव के साथ दूसरी शादी की और फिर चंपा के साथ ही चान्हो में रहने लगा। रामबली यादव बनारस स्थित अपने परिवार वालों से हमेशा संपर्क में रहता था।

इसी बीच पिछले कुछ महीनों से रामबली यादव का फोन बंद आने लगा और उसका परिवार वालों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था।जिसके बाद रामबली यादव के पहली पत्नी का बेटा राहुल यादव ने अपने पिता की खोज शुरू की।चान्हो पहुंचने पर भी राहुल को अपने पिता का कोई सुराग हासिल नहीं हुआ। इसके बाद उसने चान्हो थाना में एफआईआर दर्ज करवाई। राहुल ने अपने पिता के गायब होने को लेकर चंपा पर संदेह जताया था।

पुलिस को मृतक के बेटे ने बताया की चंपा ने उन्हें फोन कर कहा था कि हमलोग कमाने बाहर जा रहे हैं।इसलिए फोन बन्द रहेगा।फोन मत करना।जब कई महीने बीतने के बाद राहुल राँची आया और फिर पिता की खोजबीन शुरू की।उसके बाद पुलिस के पास पहुँचकर थाना में आवेदन दिया।

ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि रामबली यादव के गायब होने के मामले की जांच में जब पुलिस जुटी तो उन्हें उसकी दूसरी पत्नी चंपा उरांव पर संदेह हुआ. जिसके बाद पुलिस ने गुप्त रूप से चंपा पर नजर रखना शुरू कर दिया। संदेह की पुष्टि होने पर पुलिस की टीम के द्वारा चंपा और उसके एक रिश्तेदार विष्णु उरांव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।पुलिस के सामने दोनों टूट गए और हत्याकांड की पूरी कहानी पुलिस के सामने खुलकर सामने रख दिया।

ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने कहा कि चंपा ने बताया कि रामबली यादव के द्वारा एक जमीन को बेचा गया था, लेकिन उससे जो पैसे प्राप्त हुए उस पैसे को उसने अपनी पहली पत्नी के पास बनारस भेज दिया।इसी पैसे को लेकर ही चंपा और रामबली यादव में विवाद शुरू हो गया।

इस विवाद के बाद चंपा ने अपने कुछ परिचितों के साथ मिलकर रामबली यादव की हत्या की प्लानिंग कर डाली।प्लानिंग के तहत पहले रामबली यादव को चंपा देवी, विष्णु उरांव, विकास उरांव, आशीष कुमार और दो नाबालिगों ने मिलकर गोली मारकर हत्या की और फिर कुएं में उसके शव को फेंक दिया। हत्या करने के बाद शव को कुएं में फेंका गया और फिर कुएं को पूरी तरह से मिट्टी डालकर भर दिया गया ताकि किसी को भी कोई सबूत हासिल ना हो सके।कुआं एक सप्ताह तक भरते रहा।लेकिन स्थानीय लोगों को भनक नहीं लगा।चंपा ने पूछताछ में बताया कि उसने भतीजे के माध्यम से शूटरों को 20 कैश और 10 खाता में दिया था।यानी हत्या की सुपारी 30 हजार में फिक्स कर दी।और शूटरों ने 30 हजार में जान ले लिया।

कुएं में शव दफनाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में मजिस्ट्रेट की तैनाती कर कुएं में भरी मिट्टी को हटाकर रामबली यादव के शव को बाहर निकाला। इस मामले में पुलिस ने चंपा देवी सहित अन्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें विष्णु उरांव, विकास उरांव और आशीष कुमार शामिल हैं।जबकि दो नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

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