मामूली झगड़े में हैवान बना शख्स, लिव-इन पार्टनर को पीट-पीटकर मार डाला,शव कंधे उठाकर चक्रधरपुर रेलवे प्लेटफार्म में छोड़ा

 

चाईबासा।झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में रेलवे हॉस्पिटल चक्रधरपुर के समीप रहने वाले एक शख्स ने एक महिला को पीट-पीट कर मार डाला है। जानकारी के अनुसार उक्त महिला का नाम ज्योति मोदी है। वहीं ज्योति को जान ने मारने वाले का नाम अजय लोहार है।रेलवे अस्पताल के समीप खानाबदोश की जिंदगी जीने वाली ज्योति अपने पहले पति को छोड़कर अजय लोहार नामक एक शख्स के साथ लिव इन रिलेशन में रहती थी। दोनों भिक्षाटन कर गुजर बसर करते थे। ज्योति के पहले पति से दो बच्चे भी थे।

रेल क्षेत्र के इलेक्ट्रिक सब स्टेशन के पास एक पेड़ के नीचे बच्चों के साथ दोनों रहते थे।शुक्रवार शाम को रोज की तरह भिक्षाटन कर ज्योति और अजय लोहार वापस लौटे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर रेलवे अस्पताल के पास चार बजे शाम को जोरदार झगड़ा हो गया।

झगड़ा इतना बढ़ा कि अजय लोहार ने ज्योति को लात घूंसों से पीटना शुरू कर दिया ।अजय लोहार लगातार ज्योति की पिटाई कर रहा था। इसे देख कुछ युवकों ने अजय लोहार को रोकने की कोशिश की। जिसके बाद अजय लोहार रोकने वालों से गाली गलौज करने लगा।

यह देख लोग वहां से हट गए, लेकिन अजय लोहार की ज्योति की पिटाई नहीं रुकी ।शाम चार बजे से लेकर रात आठ बजे तक अजय लोहार ने ज्योति की पिटाई करते हुए उसे अधमरा कर दिया। जब ज्योति के शरीर में हलचल नहीं दिखी, तो उसे अपनी पीठ में डालकर चावल बोरी की तरह उसे चक्रधरपुर स्टेशन के पार्सल कार्यालय के अन्दर से होते हुए प्लेटफार्म संख्या एक में ले गया।

चक्रधरपुर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक में बिस्तर लगाकर पहले बेहोश हुई ज्योति को सुला दिया उसके बाद खुद भी उसके बगल में सो गया ।पिटाई से बेहोश ज्योति कि इस बीच रातभर में कब जान निकल गयी पता भी नहीं चला। सुबह तड़के भोर जब उसने देखा की उसकी ज्योति मर चुकी है, तो अजय लोहार चुपके से स्टेशन से भाग निकला।

इसके बाद शनिवार सुबह होते ही स्टेशन में पड़ी ज्योति की पड़ी लाश की खबर से सनसनी फ़ैल गयी ।स्टेशन में पड़ी लाश की जानकारी पर जीआरपी ने शव को अपने कब्जे में लिया और ज्योति के शव को पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया।

वहीं ज्योति की बेरहमी से पिटाई कर उसे मौत के घाट उतारने वाला अजय लोहार अब भी फरार है।पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। इधर सीमा विवाद के कारण जीआरपी और लोकल थाना में मामला शाम पांच बजे तक दर्ज नहीं हो पाया है।

बहरहाल अजय लोहार की पिटाई से ज्योति की मौत हो गयी, लेकिन ज्योति की मौत से उसके दो छोटे छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं ।जो अपनी माँ के लिए फूट फूट कर स्टेशन में रो रहे हैं ।

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