कुख्यात अमन साव एनकाउंटर मामलाःझारखण्ड हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की मौखिक टिप्पणी, कोई कानून से ऊपर नहीं, 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करे सरकार

 

राँची।कुख्यात गैंगस्टर अमन साव के एनकाउंटर मामले की सीबीआई से जांच को लेकर दायर अमन की माँ किरण देवी की याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने अमन की माँ की ओर से दायर आईए पिटीशन पर राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वो पुलिस महानिदेशक ही क्यों न हो।यह जानकारी हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने दी है।

कुख्यात गैंगस्टर अमन साव की माँ की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक, वरीय पुलिस अधीक्षक समेत अन्य पर ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदन दिया था।जिस पर आज तक कोई विचार नहीं किया गया और न ही कोई कार्रवाई की गई।इस मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को फटकार लगाई।

किरण देवी की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि पिछले साल अक्टूबर में 75 पुलिसकर्मियों की टुकड़ी के साथ अमन साव को चाईबासा जेल से रायपुर जेल शिफ्ट किया गया था।लेकिन रायपुर जेल से राँची लाने की जिम्मेदारी सिर्फ 12 सदस्यीय एटीएस की टीम को दी गई थी।

दरअसल, इसी साल 11 मार्च को रायपुर के सेंट्रल जेल से राँची के एनआईए कोर्ट में पेशी के लिए लाये जाने के दौरान पलामू में हुए एनकाउंटर में अमन साव पुलिस की गोली से मारा गया था।अमन की मां ने हाईकोर्ट के समक्ष कागजी दस्तावेजों और अखबारों में छपी खबरों को आधार बनाकर न्याय की गुहार लगाई थी। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पूर्व में स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे क्रिमिनल रीट के रूप में रजिस्टर करने का निर्देश दिया था।

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