‘सेटलमेंट’ के नाम पर डबल मार: ठगी के बाद भी खत्म नहीं हुआ लोन का बोझ…
–फर्जी एनओसी थमाकर 1.82 लाख ऐंठे, अब असली कंपनी की रिकवरी का दबाव झेल रही पीड़िता
राँची। साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पीड़िता को सिर्फ पैसे का ही नुकसान नहीं हुआ, बल्कि ठगी के बाद भी उसका लोन खत्म नहीं हुआ। ‘लोन सेटलमेंट’ के नाम पर ठगों ने जहां 1.82 लाख रुपये ऐंठ लिए, वहीं अब असली फाइनेंस कंपनी की ओर से बकाया चुकाने का दबाव अलग से बना हुआ है। कोकर निवासी ज्योत्सना शर्मा ने बताया कि उन्होंने डीएमआई फाइनांस से लोन लिया था और नियमित ईएमआई चुका रही थीं। इसी बीच उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कम राशि में लोन सेटलमेंट कराने का दावा किया। ठग ने भरोसा जीतने के लिए फर्जी एनओसी और रसीद भी भेज दी। दस्तावेज देखने के बाद पीड़िता को विश्वास हो गया और उन्होंने 1.82 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन कुछ समय बाद पता चला कि दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे और आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो चुका है। इस ठगी का सबसे गंभीर पहलू यह है कि पीड़िता को अब भी असली कंपनी की ओर से लोन चुकाने के लिए नोटिस मिल रहे हैं। यानी एक तरफ ठगी का नुकसान, दूसरी तरफ लोन का बोझ पीड़िता दोहरी मार झेल रही है। मामले में साइबर थाना, राँची में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में ठग फर्जी सिम, बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

