पहले मतदान फिर कन्यादान: सरायकेला में वोट डालने के बाद हुई कुमकुम की विदाई…
सरायकेला।झारखण्ड के सरायकेला नगर पंचायत चुनाव के दौरान ‘पहले मतदान फिर कन्यादान’ वाली पुरानी कहावत को चरितार्थ होते देखा गया। दरअसल रविवार को सरायकेला के मदन मुखी की पुत्री कुमकुम मुखी का विवाह था। रात को विवाह के सभी रश्मों को निभाया गया। परंतु सोमवार की सुबह कन्यादान से पूर्व मतदान के धर्म को निभाया गया। सोमवार की सुबह मदन मुखी की बेटी कुमकुम मुखी को लाल जोड़ा में दुल्हन के वेश में बूथ तक पहुंची। इंद्रटांडी स्थित बूथ में कुमकुम ने नगर की सरकार बनाने के लिये मतदान किया। इसके पश्चात घर में कन्यादान के रश्म को निभाया गया।
मतदान के बाद मदनमुखी ने कन्यादान के सभी रश्मों को निभाते हुए बेटी कुमकुम मुखी को उसके ससुराल के लिए विदा किया।मतदान को लेकर कुमकुम मुखी की संवेदनशीलता को लोगों ने खूब सराहा। मतदान के बाद कुमकुम मुखी ने कहा कि मतदान करना न सिर्फ लोकतांत्रिक अधिकार है, बल्कि अपना कर्तव्य भी है। पिता-पुत्री ने मतदान कर अपने कर्तव्य को निभाया।कन्यादान से पूर्व मतदान करने की यह किस्सा सरायकेला में दिन भर चर्चा का विषय बना रहा।

