नोवामुंडी के बीडीओ बाल-बाल बचे, चुनावी ड्यूटी पर जाने के दौरान खाई में गिरते-गिरते बची गाड़ी…
चाईबासा। झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड के बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) पप्पू रजक उस समय मौत को छूकर टक से वापस लौट आए, जब उनकी सरकारी गाड़ी झाड़ियों में घुस गई।वे नगर निकाय चुनाव से जुड़े काम को पूरा करने के लिए चाईबासा जा रहे थे। रास्ते में टोंटो प्रखंड क्षेत्र के सूरज बासा पास के पास अचानक सामने आए एक दोपहिया वाहन को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने गाड़ी मोड़ी, जिससे वाहन संतुलन खो बैठा और सीधे झाड़ियों में जा घुसा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी सड़क से फिसलकर झाड़ियों में चली गई और दो बड़े पेड़ों के बीच फंस गई। राहत की बात यह रही कि झाड़ियों के ठीक पीछे गहरी खाई थी, लेकिन वाहन वहां तक नहीं पहुंच पाया। यदि गाड़ी कुछ फीट और आगे बढ़ जाती, तो यह सीधा खाई में गिर सकती थी और बड़ा, जानलेवा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
इस दुर्घटना में सरकारी वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है। बीडीओ पप्पू रजक और उनके साथ मौजूद कर्मियों को कोई गंभीर चोट नहीं आई।बताया जा रहा है कि बीडीओ और उनके सहयोगियों को अंदरूनी चोटें लगी हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गाड़ी पेड़ों के बीच नहीं फंसती, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकता था।
हादसे की सूचना मिलते ही टोंटो प्रखंड के बीडीओ, संबंधित थाना के थाना प्रभारी और स्थानीय मुखिया तुरंत मौके पर पहुंचे।प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की टीम ने स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। झाड़ियों में फंसी गाड़ी से पहले बीडीओ और उनके सहकर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद टोचन और ग्रामीणों की मदद से वाहन को झाड़ियों से बाहर निकाला गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जगन्नाथपुर के अंचल अधिकारी (सीओ) मनोज कुमार मिश्रा भी मौके पर पहुंचे।उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और बीडीओ पप्पू रजक की हालत की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने उन्हें सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया गया कि बीडीओ को किसी तरह की परेशानी न हो और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहे।
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो वाहन सीधे गहरी खाई में गिर जाता। सड़क किनारे मौजूद झाड़ियां और दो बड़े पेड़ इस हादसे में किसी सुरक्षा कवच की तरह साबित हुए।लोगों का कहना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि सभी लोग सुरक्षित बच निकले।
हादसे के बाद बीडीओ पप्पू रजक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “ईश्वर की कृपा और प्रखंड की जनता की दुआओं से मेरी जान बच गई।” उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक टीम का आभार जताया, जिन्होंने तुरंत मदद कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
बीडीओ पप्पू रजक ने इस मौके पर सभी दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों से विशेष अपील भी की।उन्होंने कहा कि नशे की हालत में या तेज रफ्तार में वाहन न चलाएं। उन्होंने कहा, “इससे न सिर्फ आपकी जान खतरे में पड़ती है, बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जान भी जोखिम में आ जाती है।अपने परिवार और दूसरों की सुरक्षा का ख्याल रखें।” उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना एक दोपहिया वाहन चालक को बचाने के प्रयास में हुई, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
प्रशासन ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।वाहन की गति, सड़क की स्थिति और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी।प्रारंभिक तौर पर इसे अचानक सामने आए दोपहिया वाहन को बचाने के प्रयास से जुड़ा हादसा माना जा रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आधिकारिक निष्कर्ष निकाला जाएगा।
इस पूरी घटना के बाद एक बार फिर यह कहावत सच साबित होती दिखी, “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई।” एक बड़ा हादसा टल गया और बीडीओ पप्पू रजक तथा उनके सहकर्मी सुरक्षित बच गए. यह घटना न सिर्फ किस्मत की मेहरबानी को दिखाती है, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने का भी बड़ा संदेश देती है।

