हज़ारीबाग विस्फोटक:20 घंटे बाद उठाया गया शव,राँची से बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम पहुंची घटनास्थल…

 

हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग शहर के हबीबी नगर में हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। 20 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद शव को घटनास्थल से उठाया गया।दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया।तीसरा शव पहले से ही पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखा गया था। पोस्टमार्टम भी चिकित्सकों के टीम से कराई जाएगी।जिससे इस बात की जानकारी मिल सके कि कौन सा विस्फोटक पदार्थ के कारण उनकी मौत हुई है। पुलिस ने जब शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो उसके बाद भी उस क्षेत्र की भी जांच की गयी। जहां शव पड़ा हुआ था वहां से भी कुछ कण के सैंपल लिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार पति-पत्नी को साफ सफाई करने के दौरान झाड़ी से बंद डिब्बा मिला था। उसे डिब्बे को खोलने का उन लोगों ने प्रयास किया लेकिन डिब्बा नहीं खुला।उसे खोलने के लिए छोटी बाउंड्री के ऊपर रखकर उसे डिब्बे को कुल्हाड़ी से आदमी ने मारा, पत्नी पास में खड़ी होकर देख रही थी,जबकि एक महिला बगल में ही खड़ी थी, एक छोटी गाय भी उस जगह पर चर रही थी।इस बीच जैसे ही पुरुष ने कुल्हाड़ी को उस डिब्बे पर मारा जोरदार थमाका हुआ। पति और दूसरी महिला की मृत्यु घटनास्थल पर ही हो गई जबकि उसकी पत्नी को अस्पताल ले जाने के क्रम में मृत्यु हो गई।वहीं बगल में चर रही गाय के भी पेट में जाकर डिब्बे का कुछ अंश धंस गयी, जिससे गाय को भी अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। जिसे थाना की गाड़ी में उठाकर मवेशी अस्पताल पहुंचाया गया। डिब्बे में बंद विस्फोटक सामग्री तकरीबन एक से डेढ़ किलोग्राम बताया जा रहा है।

पुलिस के वरीय पदाधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।बुधवार रात भर पुलिस घटनास्थल पर मौजूद रही। जिसमें कई वरीय पदाधिकारी भी शामिल है।अत्यधिक ठंड के कारण घटनास्थल के पास ही टेंट लगाया गया।सभी पदाधिकारी और पुलिसकर्मी ठंड के बावजूद घटनास्थल पर मौजूद रहे।जैसे ही सुबह हुई तो बम निरोधक दस्ता की टीम घटनास्थल की जांच करने के लिए पहुंच गई।जगुआर से बम निरोधक दस्ता BT02 घटनास्थल पर उपस्थित है।वहीं राँची से SFSL की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। जो हर एक पहलुओं की जांच कर रही है।जांच टीम द्वारा मूल रूप से यह मालूम किया जा रहा है कि किस रासायनिक पदार्थ का उपयोग विस्फोटक बनाने के लिए किया गया था।इस दौरान पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरा में ले लिया गया है।अभी भी प्रशासन विस्फोट होने के मूल कारण का खुलासा नहीं की है। इस घटना के बाद हर एक बिंदुओं पर जांच चल रही है।यह भी उम्मीद लगाया जा रहा है कि कभी भी NIA की एंट्री भी इस घटना में हो सकती है।

बुधवार को हुए घटना के दिन से ही किसी भी व्यक्ति को घटनास्थल के आसपास भी आने से रोका जा रहा है। दूसरी ओर पूरे मोहल्ला में घटना के बाद चर्चा का बाजार गर्म है।जो बातें सामने आई हैं कि जिस जमीन पर घटना घटी है उसके मालिक जमीन की साफ सफाई करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान विस्फोट हुआ।जिसमें पति-पत्नी की मौत हुई थी और एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी। जिसका इलाज के दौरान मौत हो गयी थी।

घटना के दूसरे दिन हजारीबाग सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि राँची से बीडीएस और SFSL की टीम जांच करने की पहुंची है।जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जमा साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा जाएगा।

बुधवार को ही सदर एसडीपीओ अमित आनंद ने बताया था कि सबसे पहले यह सूचना मिली थी कि गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से कुछ लोग घायल हुए हैं।इस सूचना का सत्यापन करने के बाद दो व्यक्ति का शव मैदान में पाया गया। वह एक घायल अवस्था में महिला थी। जिसे अस्पताल भेजा गया।जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है।आखिर विस्फोट कैसे हुई किस पदार्थ का उपयोग किया गया था समेत कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।एफएसआरल की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है।वह तमाम बिंदु पर जांच करेगी. उसके बाद ही कुछ निष्कर्ष पर पहुंच जाएगा।

बता दें हजारीबाग में बुधवार शाम के लगभग 5:00 बजे के आसपास बड़ा बाजार ओपी थाना क्षेत्र अंतर्गत हबीबी नगर में विस्फोट हुआ था। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी।मृतक में दो महिला और एक पुरुष शामिल थी।जिसमें रशीदा परवीन, (पति मुस्ताक), सद्दाम (पिता युनूस), नन्ही परविन (पति सद्दाम) है।घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आपाधापी सा माहौल था। घटनास्थल पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग जमा भी थे।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वही क्षेत्र है जहां 17 अप्रैल 2016 को बम विस्फोट हुआ था। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। उस मामले को लेकर एनआईए कि टीम जांच करने के लिए हजारीबाग पहुंची थी। उस मामले में 150 अज्ञात तथा 35 नामजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कि गई थी। हबीबी नगर बम कांड मामले में कई लोग जेल भी गए थे।उस वक्त हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अखिलेश झा थे।इन्होंने बताया था कि एनआईए बम रसायनों की जांच कर रही है।जिनका इस्तेमाल बम बनाने में किया गया था।

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