पूछताछ के दौरान मारपीट मामले में ED के शैली में राँची पुलिस ने ED ऑफिस में दी एंट्री,ED पहुँची हाइकोर्ट, कल होगी सुनवाई…

 

राँची।ईडी दफ्तर में हुई मारपीट की घटना को लेकर राँची पुलिस अब वैज्ञानिक विश्लेषण भी कर रही है। गुरुवार की सुबह सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा दल बल के साथ मारपीट मामले की जांच लिए ईडी ऑफिस पहुंचे थे।वहीं दोपहर को सिटी डीएसपी केवी रमन एफएसएल की टीम के साथ ईडी दफ्तर पहुंचे हैं। वहीं राँची पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ ईडी झारखण्ड हाई कोर्ट पहुंची। इस मामले में कल शुक्रवार को सुबह 10 बजे सुनवाई होगी।

एयरपोर्ट थाने में दर्ज मारपीट जैसे मामले को लेकर राँची पुलिस पहली बार उच्च स्तरीय जांच कर रही है। पहले सदर डीएसपी पहुंचे और उन्होंने घंटों जांच की।सदर डीएसपी ईडी दफ्तर के अंदर ही थे कि राँची के सिटी डीएसपी केवी रमन भी एफएसएल की टीम को लेकर ईडी दफ्तर पहुंच गए। बाहर सिटी डीएसपी ने सिर्फ यही कहा कि वे जांच करने आए हैं।

आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय के अधिकारियों पूछताछ के नाम पर मारपीट करने के आरोप में हुई एफआईआर के बाद पूरे मामले की जांच में राँची पुलिस गुरुवार की सुबह से ही रेस है।एयरपोर्ट थाना पुलिस गुरुवार सुबह से ही ईडी दफ्तर में पहुंचकर जांच कर रही है।ईडी दफ्तर में एक दर्जन से ज्यादा राँची पुलिस के अफसर और जवान जांच कर रहे हैं।सदर डीएसपी सहित इंस्पेक्टर और एयरपोर्ट थाना प्रभारी ईडी आफिस के अंदर मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार, ईडी दफ्तर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं गुरुवार की सुबह सदर डीएसपी, एयरपोर्ट थाना प्रभारी और एक इंस्पेक्टर की अगुवाई में स्पेशल टीम ईडी कार्यालय पहुंची।टीम ने कार्यालय के अंदर जाकर सीसीटीवी फुटेज जब्त किए और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की, पुलिस दस्तावेजों, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही है।

इडी पहुँची हाइकोर्ट, मामले को निरस्त और सीबीआई जांच की मांग

ईडी अफसरों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में हुए एफआईआर और राँची पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ ईडी हाईकोर्ट पहुंच गई है। शुक्रवार को इस मामले में झारखण्ड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। मामले की जांच सीबीआई से करवाने की भी मांग की गई है।एयरपोर्ट थाने में ईडी अधिकारी के ऊपर मामला दर्ज करने के खिलाफ एजेंसी ने हाईकोर्ट का रुख किया है। शुक्रवार को इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।ईडी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार याचिका में कहा गया है कि पेयजल विभाग में हुए कथित घोटाले से जुड़े आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। ईडी ने यह भी उल्लेख किया है कि एयरपोर्ट थाना में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी इस साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय एजेंसी की जांच को कमजोर करना है।ईडी ने हाईकोर्ट से इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।साथ ही, ईडी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने और पुलिस जांच पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।

क्या है पूरा मामला

पूरा मामला पेयजल विभाग में हुए 23 करोड़ रुपए के घोटाले से जुड़ा हुआ है।घोटाले के आरोपी तत्कालीन क्लर्क संतोष कुमार ने राँची के एयरपोर्ट थाने में ईडी अफसरों पर जानलेवा हमला करने और कैद रखने सहित अन्य आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई है. पूरी घटना 12 जनवरी की है।चुटिया निवासी संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें ईडी के दो अफसरों पर 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में ही मारपीट का आरोप लगाया है। मामले को लेकर रांची के एयरपोर्ट थाने में कांड संख्या 05/2026 धारा 115(2)/117(2)/127(2)/109(2)/351(2)/352/238/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।

11.30 में भेजा ईमेल, सात बजे सुबह पहुंच गई पुलिस

12 जनवरी को ईडी अफसरों पर एफआईआर दर्ज हुई और 14 जनवरी की रात के लगभग 11.30 बजे ईडी को राँची पुलिस ने मेल भेज कर बताया कि वे लोग 15 जनवरी की सुबह मामले की जांच और बयान लेने के लिए ईडी दफ्तर आएंगे। ईडी अधिकरियों ने बताया कि 15 जनवरी की सुबह सात बजे ही 15 से 20 की संख्या में पुलिस वाले ईडी दफ्तर पहुंच गए।पुलिस की टीम आने की सूचना ईडी के वरीय अधिकारियों को दी गई थी।जिसके बाद पुलिस उस कमरे में पहुंची जिसका जिक्र संतोष ने अपनी एफआईआर में किया था।यहां पर भी ईडी अधिकारियों ने राँची पुलिस से यह कहा कि छोटे मामले की जांच के लिए इतनी बड़ी टीम क्यों, यह काम तो दो से तीन अफसर भी कर सकते हैं। एजेंसी हर जांच में सहयोग करेगी।हालांकि इस पर पुलिस अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। जांच टीम के अफसर सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम के 4:00 बजे तक विभिन्न तरह से ईडी कार्यालय की जांच करते रहे।

खुद को किया था घायल

एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि संतोष कुमार पेयजल घोटाले का आरोपी है संतोष से पहले भी पूछताछ की जा चुकी है। पूछताछ में उसने कई बड़े लोगों के नाम लिए हैं।जिसमें कई राजनेता भी हैं।संतोष को पूछताछ के लिए कोई समन भी जारी नहीं किया गया था, वह खुद एजेंसी के दफ्तर 12 जनवरी को पहुंच गया, जहां उसने कांच के जग से खुद के सिर पर वार किया।

घायल होने के बाद एजेंसी के अधिकारियों के द्वारा ही उसका इलाज करवाया गया। इस दौरान एजेंसी ने संतोष का बयान भी रिकॉर्ड किया जिसमें उसने बताया कि वह खुद एजेंसी के दफ्तर पहुंचा था।ईडी अधिकारियों ने बताया कि एक सोची समझी साजिश के तहत संतोष एजेंसी के अफसर को फंसाने के लिए आया था।एजेंसी के अधिकारी के अनुसार मेडिकल जांच में भी संतोष पर गंभीर चोट नहीं पाए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि इस मामले की पूरी जानकारी पुलिस मुख्यालय से लेकर एससपी तक को दी गई।यहां तक कि इक संबंध में एक सनहा राँची के एयरपोर्ट थाने में भी एजेंसी के द्वारा दिया गया था।लेकिन उस समय पर राँची पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि बिना मेडिकल रिपोर्ट के ही थाने में एजेंसी के अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

जांच को प्रभावित करने की कोशिश

एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि यह पूरी साजिश पेयजल घोटाले की जांच को प्रभावित करने के लिए किया गया है, संतोष ने अपने पूर्व के बयान में कई अधिकारियों और कुछ राजनेताओं का नाम लिया था। इस मामले में पूछताछ के लिए संतोष की पत्नी को भी समन किया गया था।

 

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