बाघ-हाथी का शिकार करने वाले 9 गिरफ्तार, 8 देसी बंदूक समेत वन्य जीव के अवशेष बरामद…

 

पलामू।पीटीआर में बाघ और हाथी का शिकार करने वाले नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार आरोपियों के पास से आठ देसी बंदूक, बारूद, बाघ का शिकार करने वाला फंदा एवं वन्य जीव के अवशेष बरामद हुए हैं।बता दें कुछ दिनों पहले पलामू टाइगर रिजर्व में हिरण का शिकार करने वाले आरोपी गिरफ्तार हुए थे।गिरफ्तार आरोपी ने पीटीआर प्रबंधन को बारूद सप्लाई करने वालों की जानकारी दी थी। इसी सूचना के आलोक में पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र के नावागढ़ में सरफुद्दीन मियां नामक बारूद सप्लायर को गिरफ्तार किया।

सरफुद्दीन के निशानदेही पर पलामू टाइगर रिजर्व की टीम ने आठ शिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शिकारी तपेश्वर सिंह, रामसुंदर सिंह झमन सिंह, कइल भुईयां लातेहार के कुई गांव के रहने वाले हैं।जबकि अजीत सिंह और हरिचरण सिंह कारवाई गांव के रहने वाले हैं। रमन सिंह और पारसनाथ सिंह जुरूहार छिपादोहर के रहने वाले हैं।

पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक कुमार आशीष ने बताया कि गिरफ्तार तपेश्वर सिंह बाघ, हाथी समेत कई वन्य जीवों का शिकार करने में एक्सपर्ट हैं। बाघ का फंदा उसी के घर से बरामद हुआ है। 10 वर्ष पहले पलामू टाइगर रिजर्व में तपेश्वर सिंह ने गारू जंगल के चंदवा चट्टान में बाघ का शिकार किया था।उन्होंने बताया कि एक बड़े नेटवर्क की जानकारी मिली है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। सभी लोग वर्षों से वन्य जीव का शिकार कर रहे हैं।

वहीं, पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना ने बताया कि बरामद फंदा 21 सेंटीमीटर का है, जो बाघ के शिकार में इस्तेमाल होता है. उन्होंने बताया कि शिकारियों का एक लंबा लिंक है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शिकार करने के बाद बाघ को स्थानीय स्तर पर ही इस्तेमाल किया गया है।अभी तक आरोपियों द्वारा एक बाघ और एक हाथी के शिकार की जानकारी साझा की गई है।

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