जामताड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ा ठगी करने वाला गिरोह के 6 सदस्य…दूसरों की जमीन-घर दिखाकर करते थे धोखाधड़ी,रिटायर्ड ईसीएल कर्मी से ठगे थे 89 लाख रुपए…

 

जामताड़ा।झारखण्ड के जामताड़ा पुलिस ने घर और जमीन बेचने के नाम पर लोगों से 89 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है।पुलिस एक महिला सहित 6 लोगों को किया गिरफ्तार।यह मामला जामताड़ा थाना कांड संख्या 102/25,दिनांक 11 अगस्त 2025 से संबंधित है।देवघर जिले के चितरा थाना अंतर्गत गड़बाद निवासी मुकेश रवानी, जो एक सेवानिवृत्त ईसीएल कर्मी सुरेश रवानी के पुत्र हैं,इस ठगी के शिकार हुए थे।एसपी राजकुमार मेहता ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि अपने पिता के सेवानिवृत्त होने के बाद घर खरीदने के लिए मुकेश रवानी इस गिरोह के संपर्क में आए थे।

पुलिस को 28 सितंबर को गुप्त सूचना मिली कि ठगों का यह गिरोह पटोदिया धर्मशाला,साइडिंग मोड़ के पास सक्रिय है।मामले की गंभीरता को देखते हुए,एसपी राज कुमार मेहता ने जामताड़ा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, अनुसंधानकर्ता पु.अ.नि. मेघ राउत, अलखनाथ चौबे, बलराम चंद्र पंडित, राजू मिश्रा और रमेश उरांव शामिल थे।

जांच के दौरान पता चला कि ठगी गई रकम का बड़ा हिस्सा टुम्पा सर्खेल के खाते में 84 लाख रुपये और जिसु सरकार के खाते में 5 लाख रुपये जमा किए गए थे। बाद में, इस रकम को आपस में बांटा गया, जिसमें पंचानन्द दास को 15 लाख 75 हजार, घनश्याम महतो को 27 लाख 76 हजार, विक्रम महतो को 5 लाख 85 हजार, और परिमल बाउरी को 5 लाख 60 हजार रुपये मिले। शेष 29 लाख 56 हजार रुपये नकद आपस में बांट लिए गए।

पुलिस ने 28 और 29 सितंबर को त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में जिसु सरकार (27 वर्ष, निवासी कायस्थपाड़ा), विक्रम महतो (39 वर्ष, निवासी सिमलबेडिया), घनश्याम महतो (59 वर्ष, निवासी सिमलबेडिया), पंचानन्द दास (51 वर्ष, निवासी पाण्डेडीह), टुम्पा सर्खेल (40 वर्ष, निवासी राजपल्ली) और परिमल कुमार उर्फ परिमल बाउरी (41 वर्ष, निवासी राजपल्ली) शामिल हैं।

दरअसल,पीड़ित मुकेश रवानी देवघर के रहने वाले हैं। वे एक रिटायर्ड कर्मचारी हैं।रिटायर्ड होने के बाद जामताड़ा में एक मकान लेने की तलाश में थे।इसी दौरान रिटायर्ड कर्मचारी का गिरोह के सदस्य घनश्याम महतो और विक्रम महतो से संपर्क हो गया। दोनों ने जामताड़ा स्टेशन के पास एक बना हुआ मकान बेचने के लिए दिखाया,जो कोलकाता के रहने वाले समीर के नाम से है लेकिन गिरोह के द्वारा बताया गया कि इसका असली मालिक पंचानन दास है और उसके बेटे बहू और जीसू सरकार है। जिसके बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी ने 84 लाख रुपए जीसू सरकार के खाते में ट्रांसफर कर दिए और बाद में सभी आरोपियों ने राशि आपस में बांट ली।

खाते में सारा रुपये देने के बाद जब मकान की रजिस्ट्री करने के बारी आई तो गिरोह के सदस्य आनाकानी करने लगे। जिसके बाद पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ जामताड़ा थाना में मामला दर्ज कराया।मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि जो मकान को दिखाकर पैसे लिए गए हैं दरअसल वो मकान, कोलकाता के रहने वाले समीर सरकार के नाम है।जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

एसपी राजकुमार मेहता ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी चितरा और पीड़ित सेवानिवृत कर्मचारी देवघर के रहने वाले हैं।आरोपियों ने उनसे 89 लाख रुपए, दूसरे का मकान दिखाकर ठग लिए।आरोपी द्वारा पूर्व में भी ठगी करने का काम किया गया है और इनका यह धंधा है कि जो भी रिटायर्ड सेवानिवृत कर्मचारी होते हैं उनको मोहरा बनाते हैं और किसी दूसरे का घर और जमीन अपना बेचने का नाम पर पैसा ठगने का काम करते थे।

वहीं जामताड़ा एसपी ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और गिरोह के द्वारा किसी से मकान और जमीन के नाम पर ठगी करने का काम किया गया है तो इसकी सूचना पुलिस को दें, पुलिस कार्रवाई करेगी।

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