हजारीबाग में सेक्स रैकेट में संलिप्त 17 होटल संचालक और कर्मी गए जेल, 30 युवक युवतियों को पूछताछ के बाद छोड़ा
हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले की पुलिस ने देह व्यापार मामले अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए देह व्यापार में लिप्त 17 होटल संचालकों और कर्मियों को बुधवार को जेल भेज दिया है। वहीं 30 जोड़े युवक युवतियों को पूछताछ के बाद माता-पिता के हवाले कर दिया गया है।पुलिस उन युवक और युवतियों से पूछताछ करेगी कि आखिर इनका आपस में संबंध क्या था। यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि यदि इन दोनों ने पैसों के लेन-देन के जरिए संबंध बनाए हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने सभी होटल संचालकों को चेतावनी भी दी है कि अगर इस तरह का गोरखधंधा कोई भी करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और होटल भी सील किया जाएगा।
बता दें हजारीबाग पुलिस ने बीते मंगलवार को शहर के राँची-पटना एनएच-33 पर अवस्थित 6 होटलों और रेस्टोरेंट्स में एक साथ छापेमारी कर अवैध देह व्यापार का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 30 कपल्स को पकड़ा, जिन्हें बाद में परिजनों को सुपूर्द कर दिया गया।वहीं, 17 होटल संचालक एवं मैनेजर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।साथ ही इन सभी 6 होटलों को सील कर दिया है। इसमें होटल सिद्धि विनायक, होटल स्पाएसी विला, होटल 2ईट, होटल वर्णिका, होटल 7 डेज, होटल रुकमणी शामिल हैं।
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि नेशनल हाइवे 33 राँची-पटना रोड पर स्थित कुछ होटल में पैसे लेकर केवल यौन गतिविधि के लिए रूम उपलब्ध कराए जाते हैं, वह भी बिना आईडी कार्ड और नाम रजिस्टर में लिखे हुए. होटल मालिक खुद ही कई तरह कॉन्ट्रासेप्टिव भी उपलब्ध कराते थे।
रेकी कर इस सूचना की पुष्टि के बाद सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में 6 अलग-अलग टीम बनाई गईं। हर टीम में पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारी और महिला पुलिस बल को शामिल किया गया।एक साथ छापेमारी करके इन सबको हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह का धंधा हजारीबाग के छात्रों और युवाओं पर गलत असर डाल सकता है। यहां आसपास के जिले चतरा, कोडरमा और गिरिडीह से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करने आते हैं।इससे हजारीबाग की छवि भी खराब होती है।
हजारीबाग एसपी ने यह भी जानकारी दी कि जिस जिसकी गिरफ्तारी हुई है, उनमें एक सर्वे का काम किया करता था जो सर्वे करके लड़के और लड़कियों को होटल तक पहुंचाने का काम करता था।यह भी एक चिंता का विषय है। उन्होंने जानकारी देते हुए यह बताया कि सभी होटलों में क्या कोई संबंध था या नहीं इसे लेकर भी जांच की जा रही है।कुछ होटल के संचालक कोलकाता के रहने वाले हैं। ऐसे में कोलकाता से इसका क्या संबंध है इसे लेकर भी जांच की जाएगी।
जिनकी गिरफ्तारी हुई है उनमें अजय कुमार, धीरज कुमार, शिशु कुमार, नवीन कुमार, विशाल कुमार, रंजीत कुमार, अजय कुमार, युवराज मेहता, अजीत कुमार, शुभम कुमार, बबलू कुमार, जयंत मांझी, रामदेव कुमार, दिलीप कुमार, शुभम कुमार और संजय कुमार शामिल हैं, जो हजारीबाग और गिरिडीह समेत दूसरे जिलों के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार किए गए 17 होटल मालिकों और संचालकों के ऊपर बीएनएस की धारा 292/296/318(4)/338/336(3)/61(2) एवं अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 3/4/5 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

