वर्दी के पीछे वर्दी… इनाम 50 हजार, कानपुर में हैवानियत के गुनेहगार दरोगा की तलाश..
डेस्क टीम।उत्तरप्रदेश के कानपुर में हैवानियत में खाकी पर दाग लगाने वाले दरोगा की पुलिस को तलाश है। उस पर 50 हजार रुपये इनाम रखा गया है। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी दरोगा को पाँच दिन बाद भी पुलिस नहीं पकड़ पाई।सचेंडी में 14 वर्षीय किशोरी को स्कॉर्पियो कार से अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म करने के एक आरोपी यूट्यूबर शिवबरन को जेल भेजने बाद अब दूसरे आरोपी गोरखपुर निवासी निलंबित दारोगा अमित मौर्या पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस दारोगा को चार दिन बाद भी पकड़ नहीं सकी है।
सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में अब तक दो दारोगा व सचेंडी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित करने के साथ एसीपी पनकी शिखर को लाइन हाजिर किया जा चुका है। डीसीपी पश्चिम रहे दिनेश त्रिपाठी को हटाकर डीसीपी मुख्यालय बनाया गया है। वहीं, पीड़िता की सुरक्षा को लेकर दिन में दो और रात में दो पुलिसकर्मी की तैनाती उसके घर के बाहर की गई है।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने एसीपी पनकी सुलतानपुर निवासी शिखर को लाइन हाजिर करने के साथ ही भीमसेन के चौकी प्रभारी आगरा निवासी दिनेश कुमार को निलंबित कर दिया। शुक्रवार को पुलिस आयुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने घटनास्थल, सचेंडी थाने और भीमसेन चौकी का निरीक्षण किया। इस दौरान एसीपी व चौकी प्रभारी की भी लापरवाही मिली।
वहीं, मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद पुलिस ने पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान कराए, जहां उसने आधे घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने आरोपी शिवबरन व निलंबित दारोगा अमित मौर्या की हैवानियत बयां की। बयान के बाद पीड़िता को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद पुलिस सुरक्षा में उसे घर छोड़ा गया। पीड़िता की सुरक्षा के लिए उसके घर के बाहर 24 घंटे दो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
सचेंडी के एक गांव की किशोरी सोमवार देर शाम लापता हो गई थी। देर रात लौटने पर किशोरी ने बताया कि दो लोगों ने काले रंग की स्कार्पियो में जबरन बैठा लिया और झांसी रेलवे लाइन के पास ले जाकर कार में सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता का भाई भीमसेन चौकी पहुंचा तो भगा दिया गया। पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचने पर मंगलवार को मुकदमा हुआ, लेकिन सामूहिक दुष्कर्म व पाक्सो की धारा नहीं लगाई।
बुधवार को मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी को हटाकर मुख्यालय में तैनाती दी। वहीं, एडीसीपी पश्चिम कपिलदेव की जांच में यूट्यूबर चंद्रहंसपुर निवासी शिवबरन यादव व मूलरूप से गोरखपुर निवासी दारोगा अमित मौर्या आरोपी निकले। इसके बाद अमित मौर्या व साक्ष्य से छेड़छाड़ करने पर सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया था।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी शिवबरन ने पुलिस को बताया कि जिस रात की घटना बताई जा रही है, उस रात दारोगा अमित मौर्या ने एक चोरी के संबंध में उसे बुलाया था। इस दौरान उसने एक आरपीएफ के इंस्पेक्टर से बात भी कराई थी। वह बाइक से रेलवे लाइन के पास पहुंचा था और उसकी कार में बैठ गया। लगभग आधा घंटे बाद वह लौट गया। हालांकि रास्ते में दो युवक मिले थे। उन्होंने बहन के लापता होने की जानकारी दी थी। बाद में पता चला कि उस पर मुकदमा लिखा गया है। एक अधिकारी ने बताया कि सचेंडी में कुछ लोग तेल चोरी और जुआ की फड़ सजवाते हैं। इसमें पुलिसकर्मियों की भी मिलीभगत हो सकती है।
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी जेल भेजे गए शिवबरन की मां का एक वीडियो शुक्रवार को प्रचलित हुआ। वीडियो के माध्यम से वह रोते हुए बोलीं कि हमारा बच्चा निर्दोष है। अगर हमारा बच्चा दोषी हो तो उसे फांसी दे दी जाए या गोली मार दी जाए, लेकिन निर्दोष को छोड़ा जाए।
“घटना को गंभीरता से न लेने और लापरवाही बरतने पर एसीपी पनकी को लाइन हाजिर और भीमसेन चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है। इससे पहले घटना के आरोपी दारोगा अमित मौर्या व लापरवाही करने पर सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को पहले निलंबित किया गया था।”–पुलिस आयुक्त

