गिरिडीह में दो हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 

गिरिडीह।झारखण्ड पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है।राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर, पारसनाथ जोन में सक्रिय रहे दो हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।आत्मसमर्पण करने वालों में शिवलाल हेम्ब्रम उर्फ शिवा और उसकी पत्नी सरिता हांसदा उर्फ उर्मिला शामिल हैं।ये दोनों नक्सली गिरिडीह जिले के खुखरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।

 

दोनों ने झारखण्ड सरकार के आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति “नई दिशा-एक नई पहल से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है।इन्होंने जिले के डीसी रामनिवास यादव, एसपी डॉ बिमल कुमार, सीआरपीएफ डीआईजी अमित कुमार, सीआरपीएफ 154 बटालियन के कमांडेंट, एएसपी अभियान सुरजीत, एसडीपीओ सुमित कुमार और अन्य पुलिस पदाधिकारी की उपस्थिति में समर्पण किया।

गिरिडीह के डीसी-एसपी ने इन दोनों का स्वागत पुलिस लाइन में किया।इस दौरान डीसी और एसपी ने झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति की विस्तृत जानकारी दी। दोनों पदाधिकारी ने कहा कि जो लोग मुख्यधारा से भटक गए हैं वह वापस आएं।अधिकारियों ने बताया कि झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण नीति काफी बेहतर है और इसका लाभ उठाया जा सकता है।

दोनों के आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने दोनों के इतिहास की जानकारी दी। बताया कि कभी कुख्यात रहे नुनुचंद ने वर्ष 2017 में शिवा को संगठन से जोड़ा था। नुनुचंद ही इसे हथियार चलाना और व्यायाम सिखाता था। वर्ष 2017 से 2020 तक नुनुचंद महतो शिवा का कमांडर था। 2020 में नुनुचंद ने संगठन छोड़ दिया तो कृष्णा हांसदा इसका कमांडर बन गया। बाद में शिवा को करम दा उर्फ विवेक का अंगरक्षक बना दिया गया।

वर्ष 2022 में शिवा को एरिया कमेटी सदस्य बना दिया गया। 2023 में लैपटॉप चलाने की ट्रेनिंग आत्मसमर्पित नक्सली रामदयाल महतो ने दी।लैपटॉप से शिवा विवेक की चिट्ठी भी टाइप करता था।

उर्मिला को संगठन में लाने का काम जया ने किया था। जया द्वारा वर्ष 2020 में उर्मिला को दस्ता सदस्य बनाया था जो पार्टी में खाना बनाने का भी काम करती थी। 2024 में शिवा के साथ उर्मिला ने शादी रचा ली। पुलिस ने बताया कि पार्टी में रहते हुए इनके पार्टी द्वारा पारसनाथ जोन क्षेत्र में संगठन के सदस्यों की उपस्थिति में लोगों में भय पैदा करना, लेवी प्राप्त करना और लेवी नहीं मिलने पर आम लोगों और पुलिस को टारगेट करने के उद्देश्य से कई घटनाओं को अंजाम दिया गया।बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि शिवा के खिलाफ 11 तो उर्मिला के खिलाफ चार मामले दर्ज है।

 

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