शादी का झांसा देकर करता रहा यौन शोषण, लड़की बनी माँ तो खुला राज…लड़की ने मृत बच्ची को जन्म दी
गढ़वा।झारखण्ड के गढ़वा जिला में एक सीएचसी में एक गर्भवती लड़की लाई गयी।उसने एक बच्ची को जन्म दिया। इस घटना ने एक ऐसे राज से पर्दा उठाया, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।ये पूरा मामला धुरकी थाना क्षेत्र का है।सोमवार सुबह जब अविवाहित युवती (21 वर्ष) को अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो उसके परिजन आननफानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धुरकी ले जाने लगे। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने बच्ची को जन्म दे दिया। सीएचसी पहुंचने पर नर्स रेणु कुमारी की देखरेख में युवती का इलाज शुरू हुआ लेकिन नर्स ने बताया कि उसने रास्ते में ही एक मृत बच्ची को जन्म दिया।
इस घटना ने पीड़िता और उसके परिजनों को झकझोर दिया। जिससे एक बड़ा सच बाहर आया।पीड़िता और परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि गांव का ही करीब 55 वर्षीय अविवाहित अधेड़ इस घटना के लिए जिम्मेदार है।करीब एक वर्ष पूर्व उसने युवती के साथ जबर्दस्ती की थी। लड़की द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने शादी का झांसा दिया और भरोसा दिलाया कि वह भी अविवाहित है।
आरोपी ने यह भी कहा कि उसका कोई वारिस नहीं है। इसलिए वह युवती से विवाह कर उसे अपनी पत्नी का दर्जा देगा। इसी वादे और भरोसे पर वह युवती को मना लिया।अधेड़ द्वारा लगातार यौन शोषण के कारण युवती गर्भवती हो गई। इसको लेकर उसने और परिजनों ने आरोपी को गर्भधारण की जानकारी दी और शादी के लिए दबाव बनाया।इसपर आरोपी ने उन्हें दिलासा देते हुए कहा कि गर्भ को खत्म मत करना, बच्चे को जन्म देना, इसके बाद मैं तुमसे विवाह कर लूंगा।इसी भरोसे पर युवती ने बच्चे को जन्म दिया लेकिन बच्ची की मौत गर्भ में ही हो गयी थी।इसके बाद आरोपी ने युवती को अपनाने से साफ इनकार कर दिया।इसको लेकर परिजनों का कहना है कि आरोपी ने न केवल बेटी का भविष्य बर्बाद किया बल्कि समाज में उसका अपमान भी किया।उन्होंने मांग की है कि पीड़िता को इंसाफ मिलना चाहिए और आरोपी को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
इस मामले को लेकर धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राउत ने कहा कि पीड़िता की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है।आवेदन के आलोक में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

