धनबाद:गैंगवार में मारे गए प्रेम यादव का शव लेने पहुंचे परिजन, कहा-बेटे को फर्जी केस में फंसाया गया था…
धनबाद।झारखण्ड के धनबाद जिले के झरिया में मंगलवार को दिनदहाड़े हुए गोलीकांड के मृतक प्रेम यादव का शव बुधवार को परिजनों को सौंप दिया गया।परिजन धनबाद एसएनएमएमसीएच स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे थे। इस दौरान मृतक के पिता सुनील राय का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रेम यादव साजिश का शिकार हुआ है।मृतक प्रेम यादव बिहार के सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र के फूलवारिया गांव का रहने वाला था। वह भेल्दी थाना क्षेत्र में हुए राहुल पांडेय हत्याकांड में वांछित था। हालांकि, प्रेम यादव के पिता सुनील राय ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को दोनों मामलों में झूठा फंसाया गया था।
सुनील राय ने बताया कि प्रेम पिछले एक महीने से झरिया में रहकर ट्रांसपोर्टिंग का व्यवसाय देख रहा था और किसी भी आपराधिक गतिविधि में उसकी संलिप्तता नहीं थी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव लेकर अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए।
दरअसल, झरिया के कतरास मोड़ स्थित रतनजी भगवान जी पेट्रोल पंप के पास मंगलवार को दिनदहाड़े छपरा के कुख्यात अपराधी प्रेम यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन की संख्या में हमलावर एक बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे। धीमी चलती बाइक से ही बीच में बैठे हमलावर ने प्रेम के सिर पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। कटे पेड़ की माफिक वह वहीं गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
इधर, पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार अपराधी गोली मारते दिख रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस घटना को गैंगवार मानकर चल रही है। पुलिस को बिहार के अपराधियों पर वारदात को अंजाम देने का संदेह है, जिन्होंने बाकायदा रेकी कर इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
वहीं इस मामले में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह घटना गैंगवार प्रतीत हो रही है। मृतक छपरा जिले मे हुई दो हत्याओं के मामले का आरोपी था। घटना के बाद से वह झरिया में छिपकर रह रहा था। पुलिस हत्यारों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
प्रेम के तीन चाचाओं की भी गैंगवार में चली गई थी जान
मृतक के परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आई है। मृतक के तीन चाचा वर्ष 2005 में हुए गैंगवार में मारे गए थे। प्रेम के खिलाफ भी छपरा के अलग-अलग थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। मां मुखिया की चुनाव लड़ चुकी है। प्रेम राजनीति में भी सक्रिय था।

