9 महीने बाद मिला लापता महिला का शव, जीजा निकला हत्यारा…

 

दुमका।झारखण्ड के दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र से नौ महीने से लापता महिला शेम्पू खातून का शव कुएं से बरामद हुआ है।उसके पिता ने गांव के ही बाबू मोहली,जो शेम्पू का दोस्त था,उसके खिलाफ अपहरण के तहत मामला दर्ज कराया था। पुलिस लगातार शेम्पू खातून की तलाश कर रही थी,आखिरकार पुलिस ने मामले पर से पर्दा उठा दिया है।पुलिस ने शेम्पू खातून का शव कुएं से बरामद किया है। पुलिसिया तफ्तीश में यह निकलकर सामने आया है कि मृतक के जीजा ने ही अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर हत्या की थी।

पूरा मामला शुरू होता है पिछले साल 25 दिसंबर 2024 से

दरअसल दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र के मधुबन गांव से शेम्पू खातून नामक एक 20 साल की युवती, जिसका कुछ महीने पहले तलाक हुआ था वह लापता हो जाती है। पिता खैरूद्दीन अंसारी एक सप्ताह के बाद 3 जनवरी 2025 को थाना पहुंचते हैं और बेटी की गुमशुदगी की शिकायत पुलिस से करते हैं।पुलिस खोजबीन में लग जाती है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चलता है। चार महीने के बाद 7 मई 2025 को पिता खैरूद्दीन अंसारी फिर थाने पहुंचते हैं और गांव के ही रहने वाले बाबू मोहली, जो शेम्पू का दोस्त था के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराते हैं।अपहरण का केस दर्ज होते ही पुलिस रेस हो जाती है।

अपहरण का केस दर्ज होने के बाद दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार के निर्देश पर एसडीपीओ विजय कुमार महतो के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया जाता है।जिसमें कई थानेदार और पुलिस पदाधिकारी को शामिल किया गया। इस टीम को आखिरकार सफलता मिल गई। डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर पुलिस टीम ने, इस मामले में शेम्पू के जीजा करीम अंसारी और उसके साथी शाहिद अंसारी को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ करने पर उन्होंने शेम्पू की हत्या की बात स्वीकार कर ली।इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया कि उसकी डेडबॉडी को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धमना पहाड़ी के पास सुनसान जगह पर स्थित एक कुंआ में बोरे में भरकर डाल दिया है।उनकी निशानदेही पर गुरुवार की देर रात शव को बरामद कर लिया गया। 9 महीने में शव पूरी तरह से सड़ गल चुका था।

जीजा की साली पर थी बुरी नजर

पुलिस की पूछताछ में यह बात निकलकर सामने आई है कि शेम्पू के तलाक के बाद से, उसके जीजा करीम अंसारी की बुरी नजर उस पर टिकी थी।वह उसे हासिल करना चाह रहा था लेकिन उसने कभी जीजा को भाव नहीं दिया था।एक बार जब करीम ने उसके घर जाकर उससे छेड़छाड़ की तो साली ने हल्ला मचा कर ग्रामीणों से उसकी पिटाई करवा दी।जिसके बाद करीम अपमान का बदला लेना चाहता था।

25 दिसंबर 2024 को की थी हत्या

पुलिस की पूछताछ में करीम अंसारी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि 25.12.2024 को वह शाली, शेम्पू को अपनी पत्नी की बीमारी की बात कह कर बाइक से अपने घर ले जा रहा था।रास्ते में अपने सहयोगी शाहिद अंसारी के साथ मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और डेडबॉडी को बोरे में भरकर उसमें भारी भरकम पत्थर से बांधकर कुंआ में फेंक दिया।

एसपी ने बताया कि शेम्पू के पिता ने गांव के जिस युवक बाबू मोहली के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी।जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उसके लापता होने के एक माह पूर्व से ही वह काम करने असम चला गया था, जिससे यह साफ हो गया था कि इस अपहरण में उसका हाथ नहीं है। बाद में पुलिस की तफ्तीश में करीम अंसारी और शाहिद अंसारी के खिलाफ सबूत मिले। इन दोनों की निशानदेही पर डेडबॉडी को कुएं से बरामद किया गया।ऐसे में सबूत को पुख्ता करने के लिए उसका डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।

error: Content is protected !!