बिहार के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या से पटना में सनसनी, घर के पास गोलियों से भूना…बेटे की हो चुकी है हत्या

 

पटना।बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने एक नामचीन कारोबारी गोपाल खेमका को गोलियों से भून डाला। घटना गांधी मैदान थाना इलाके में हुई है। गोली लगने के बाद गोपाल खेमका को मेडिवर्सल अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन उनकी मौत हो गई पटना के सीनियर एसपी ने गोपाल खेमका के गोली मारे जाने की पुष्टि की है। खेमका को घर से पास गोली मारी गई। उनके बेटे की भी गोली मारकर हत्या हो चुकी है जिसका राज अभी तक नहीं खुला है क्योंकि एक गिरफ्तार आरोपी का भी मर्डर कर दिया गया। थाना, एसएसपी आवास, डीएम आवास के इलाके में कारोबारी की हत्या से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।मिली जानकारी के मुताबिक गोपाल खेमका अपनी गाड़ी से गांधी मैदान राम गुलाम चौक स्थित घर के समीप उतर रहे थे। इस दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। इस घटना के बाद पटना पुलिस के सभी वरीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि पुलिस छानबीन कर रही है। सीसीटीवी कैमरों से बदमाशों की पहचान और तलाश में पुलिस जुट गई है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

गोपाल खेमका रामगुलाम चौक स्थित अपार्टमेंट में रहते थे। वहां अपराधी पहले से घात लगाकर छिपे थे। गाड़ी से उतरते ही खेमका को गोली मार दी और फरार हो गए। उन्हें आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन मौत हो गई। इस घटना से पटना पुलिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

हत्या की सूचना पर पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा समेत कई वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। बताया जा रहा है कि गांधी मैदान थाना से महज 300 मीटर की दूरी पर ही गोपाल खेमका को गोली मारी गयी। फिर भी पुलिस को पहुंचने में 30 मिनट का समय लगा। रात भर उनके आवास पर आने जाने वालों का तांता लगा रहा। सेंट्रल एसपी दीक्षा ने कहा कि जल्द ही हत्यारों को दबोच लिया जाएगा। पुलिस आवश्यक इन्फॉर्मेशन जुटा रही है। हालांकि लोगों को कहना है कि पुलिस को पहुंचने में घंटों का वक्त लग गया। सिटी एसपी दीक्षा भी रात के दो बजे पहुंचीं।

7 साल पहले गोपाल खेमका के बेटे गुंजन की भी हुई थी हत्या, एक जैसी है पटना के कारोबारी पिता-पुत्र की मर्डर स्टोरी

बिहार के बड़े कारोबारी के रूप में अपनी पहचान बना चुके गोपाल खेमका की हत्या पटना में शुक्रवार को कर दी गयी। गोपाल खेमका आधी रात को अपने घर लौट रहे थे। अपार्टमेंट के गेट पर कार से उतरते ही घात लगाए अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हत्या 7 साल पहले कर दी गयी थी। अपराधियों ने गुंजन खेमका को भी गोली मारकर ही उनकी जान ली थी।

गोपाल खेमका बड़े कारोबारी थे। वे राजेंद्रनगर मगध हॉस्पिटल के मालिक भी थे। हेल्थकेयर, जनरल बिजनस से वो जुड़े थे। वर्ष 2018 में हाजीपुर में उनके बेटे गुंजन खेमका की भी हत्या कुछ ऐसे ही कर दी गयी थी, जैसे शुक्रवार को पटना में गोपाल खेमका की हत्या हुई। हाजीपुर में औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित गोपाल खेमका की कॉटन फैक्ट्री के गेट पर अपराधियों ने गुंजन की हत्या की थी।

2018 की उस घटना की याद फिर एकबार ताजा हुई है। जब गुंजन खेमका अपनी गाड़ी से फैक्ट्री पहुंचे थे। उनके ड्राइवर मनोज रविदास ने तब घटना के बारे में बताया था कि दोपहर 12 बजे के करीब उस दिन जब गाड़ी से गुंजन फैक्ट्री गेट पर पहुंचे तो गार्ड गेट खोलने बाहर आया। जैसे ही गार्ड ने गेट खोला, घात लगाए हमलावरों ने कार की खिड़की से ही पिस्टल सटाकर ताबड़तोड़ गोली चला दी।

गोपाल खेमका का बेटा गुंजन खेमका गाड़ी की अगली सीट पर तब बैठा थाम शीशा चढ़ा हुआ थामइसके बावजूद उनके सिर और सीने के पास कई गोलियां लगी थी।अपराधी पिस्टल लहराते हुए बाइक से फरार हो गए थे।गुंजन की मौत से पिता गोपाल खेमका पूरी तरह टूट गए थे।अभी वो इस दुख से पूरी तरह बाहर निकले भी नहीं थे कि शुक्रवार की रात को अपराधियों ने पटना में उन्हें भी गोलियों से छलनी कर दिया।

error: Content is protected !!