Ranchi:सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक अपराधी को देवघर से पकड़ा, ट्रेडिंग ऐप ‘CANTILLON’ के जरिए की थी 44 लाख की ठगी

 

राँची।सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच,साइबर अपराधियों के खिलाफ़ कार्रवाई करते हुए देवघर से एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार साइबर अपराधी ने 44 लाख की ठगी को अंजाम दिया है।झारखण्ड के एक शख्स से ट्रेडिंग एप ‘CANTILLON के जरिए 44 लाख की ठगी करने वाले साइबर ठग यशवर्धन कुमार को, देवघर से गिरफ्तार किया गया है।मामले को लेकर अपराध अनुसंधान विभाग झारखण्ड के राँची स्थित साइबर क्राइम थाना में कांड संख्या 95/25 दर्ज किया गया था।दर्ज कांड में वादी ने बताया था कि व्हाट्सएप के माध्यम से उन्हें फर्जी ट्रेडिंग ऐप में निवेश करने का झांसा दिया गया था।जिसमें नकली मुनाफा दिखाते हुए निवेश पर असली रिटर्न का भ्रम पैदा कर कुल 44 लाख रुपए अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से खोले गए बैंक खाते में ठगी करके ट्रांसफर कर दिए गए थे।

साइबर क्राइम ब्रांच ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि जालसाजी में शामिल साइबर अपराधी झारखण्ड के देवघर का रहने वाला है।इसके बाद टेक्निकल सेल की मदद से देवघर जिले में छापेमारी कर साइबर फ्रॉड करने वाले आरोपी यशवर्धन कुमार को गिरफ्तार किया गया।पकड़ा गया साइबर अपराधी, मूलत रूप से बिहार के गयाजी का करने वाला है।

सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच ने बताया गया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से जब ठगी के खातों की जानकारी इकट्ठा की गई तो यह पता चला कि गिरफ्तार आरोपी के बैंक ऑफ़ बड़ौदा के खाते में सारे ठगी के पैसे गए थे। जांच में यह बात भी सामने आई है कि इसी खाते के जरिए तेलंगाना में चार, उत्तराखंड में एक, झारखण्ड में एक, छत्तीसगढ़ में दो, पश्चिम बंगाल में एक, तमिलनाडु में चार, राजस्थान में एक, मध्य प्रदेश में एक, महाराष्ट्र में चार, कर्नाटक में आठ, केरल में दो, हिमाचल प्रदेश में एक, गुजरात में छह, दिल्ली में दो, बिहार में दो, आंध्र प्रदेश में दो और उत्तर प्रदेश में कुल पांच मामले दर्ज हैं।

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