ऑनलाइन गेम के चक्कर में लाखों के कर्ज में डूबा पोता,पैसों के लिए चचेरे दादा का कर दी हत्या, दो आईआरबी जवान व एक साइबर अपराधी गिरफ्तार
साहिबगंज।झारखण्ड के साहिबगंज में नगर थाना क्षेत्र के तालबन्ना निवासी विश्वनाथ गुप्ता की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है।विश्वनाथ गुप्ता के चचेरे भाई के पोते सुमित कुमार गुप्ता ने अपने दोस्त अमन जायसवाल के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। सुमित आईआरबी का जवान है।सुमित ने बिहार के मधेपुरा के रहने वाले अपने दोस्त अमन के साथ मिलकर विश्वनाथ गुप्ता के बैंक अकाउंट से पैसे निकालने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।अमन भी आईआरबी में ही नौकरी करता है। इस मामले में दुमका जिले के जरमुंडी थाना क्षेत्र के हटिया टोला निवासी सोहित कुमार राउत को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी को देर शाम जेल भेज दिया गया।
एसपी अमित कुमार सिंह ने पूरी घटना की जानकारी प्रेसवार्ता में दी।एसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 1,24,000 रुपये नकद, गहने, बैंक अकाउंट के सभी दस्तावेज, सात मोबाइल फोन, एक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।एसपी ने बताया कि सुमित कुमार गुप्ता 2019 में IRB आठ में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुआ था। उसका मुख्यालय गोड्डा में है और वह फिलहाल लातेहार जिले के चंदना थाना क्षेत्र के बोडा पिकेट में तैनात था। सुमित कुमार गुप्ता दमन नाम का एक ऑनलाइन गेम खेलता था। इस वजह से उस पर लगभग 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज देने वाले उस पर पैसे चुकाने का दबाव डाल रहे थे।
बताया कि करीब छह महीने पहले सुमित कुमार गुप्ता के परिवार ने कहलगांव में अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेच दी थी।इस बिक्री से विश्वनाथ गुप्ता को भी काफी पैसे मिले थे। सुमित की नजर इन पैसों पर थी।इसके लिए उसने साइबर अपराधी सोहित कुमार राउत से संपर्क किया।तय हुआ कि सोहित विश्वनाथ गुप्ता की बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन चुराएगा, जिसके बाद उसके अकाउंट से पैसे निकाल लिए जाएंगे।
डेढ़ करोड़ रुपए को बैंक से निकलना चाहता था आरोपी, पुलिस ने किया नाकाम
इधर शातिर साइबर अपराधी सोहित पैसे निकालने की तैयारी कर रहा था,लेकिन पुलिस ने मृतक के सभी अकाउंट फ्रीज कर दिए, जिससे पैसे नहीं निकल पाए।सुमित कुमार गुप्ता ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसने आईआरबी 8 के जवान अमन कुमार जयसवाल के साथ मिलकर अपने चचेरे दादा विश्वनाथ गुप्ता के घर लूटपाट और हत्या की थी
बता दें एक दिसंबर को रात्रि में साहेबगंज नगर थाना क्षेत्र के तलबाना मोहल्ला में विश्वनाथ गुप्ता के घर में घुसकर अपराधियों ने लूटपाट की थी। उन्होंने विश्वनाथ गुप्त की हत्या भी कर दी थी। सुबह गुप्ता के परिजनो ने नगर थाना पुलिस को वारदात की सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने विश्वनाथ गुप्ता की बेटी ज्योति गुप्ता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की।
एसपी अमित कुमार सिंह ने घटना की जांच के लिए विशेष अनुसंधान दल का गठन किया। जांच में पाया गया कि मृतक पैतृक संपत्ति में अपने हिस्से के मकान में दूसरे तल्ले में रहते थे। ज्योति गुप्ता ने बताया कि उसके पिताजी के पास सोने के गहने और नगद रुपये, बैंक के कागजात, मोबाइल, बैंक के एटीएम, जमीन के कागजात थे जो लूट के बाद कमरे में नहीं थे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और हर संभावना का विश्लेषण किया। जांच में तकनीकी टीम ,फॉरेंसिक टीम, डॉग स्कॉड का सहयोग लिया गया।

