पंचायत का अजीबोगरीब फैसला:पंचायत ने दो पत्नियों के बीच किया पति का बंटवारा, सप्ताह में तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के साथ रहेगा पति और एक दिन…..

 

रामपुर। पंचायत कई बार अपने बेतुके फैसलों को लेकर चर्चा में रहती है। रामपुर में भी कुछ दिन पहले ऐसा ही मामला सामने आया। अजीमनगर क्षेत्र में पंचायत ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे सुनकर कानून भी शर्म से सिर झुका ले। दो पत्नियों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के नाम पर पंचायत ने पति को ‘साझा संपत्ति’ घोषित कर दिया और सप्ताह के दिनों को बराबर-बराबर बांट दिया।

मामला नगलिया आकिल गांव का है, यहां एक युवक की दो पत्नियों के बीच पति को लेकर लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। बात इतनी बढ़ी कि दोनों के बीच मारपीट तक होने लगी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस घरेलू और संवेदनशील विवाद को कानून के हवाले करने के बजाय गांव की पंचायत ने अपने ‘अनूठे न्याय’ का प्रदर्शन किया।

21 जनवरी को पंचायत करीब दो घंटे चली। इसमें गांव के तथाकथित सम्मानित लोगों ने फैसला सुनाया कि पति सप्ताह में तीन दिन एक पत्नी के पास और तीन दिन दूसरी पत्नी के पास रहेगा। इसके अलावा एक अन्य दिन वह अपनी मर्जी से रह सकेगा। इस फैसले में कानून की बात हुई न महिला अधिकारों की, न ही पारिवारिक हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई चर्चा।

पंचायत ने मानो इंसानी रिश्तों को टाइम-टेबल और बारी में बदल दिया। पंचायत के हस्तक्षेप से दोनों पत्नियों का विवाद थम गया और स्थिति सामान्य हो गई। पंचायत के इस ‘न्याय’ का गांव में विरोध भी नहीं हुआ, लेकिन समाज के लिए यह चिंता और शर्म का विषय जरूर है। यही वजह है कि इस अजीबो-गरीब फैसले की पूरे क्षेत्र में चर्चा है।

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