झारखण्ड के कुख्यात अपराधी का प्रयागराज में एनकाउंटर..AK-47 सहित अन्य हथियार बरामद…
प्रयागराज।उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई की है। झारखण्ड के धनबाद का रहने वाला और कई हत्याओं में वांछित कुख्यात अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी प्रयागराज में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था। इसी दौरान सूचना के बाद एसटीएफ ने घेराबंदी की। आरोपी ने AK-47 और पिस्टल से STF टीम पर फायरिंग कर दी, लेकिन जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया।सूचना है इलाज के दौरान मौत हो गई है।हलांकि आधिकारिक तौर पर मरने की पुष्टि नहीं हो पाई है।
आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह जेसी मल्लिक रोड धनबाद झारखण्ड का रहने वाला है। प्रयागराज STF को सूचना मिला था कि छोटू सिंह अपने एक साथी के साथ प्रयागराज में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही STF की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए शिवराजपुर चौराहे के पास घेराबंदी की।
STF टीम जब छोटू सिंह को पकड़ने की कोशिश कर रही थी, उसी दौरान आरोपी ने AK-47 राइफल और 9MM पिस्टल से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।इस हमले में STF के तीन अधिकारी और कर्मचारी जेपी राय, प्रभंजन और रोहित बाल-बाल बच गए।
STF टीम ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें छोटू सिंह घायल हो गया।इसके बाद एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया और तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।मुठभेड़ वाली जगह से पुलिस ने एक AK-47 राइफल, एक 9MM पिस्टल, जिंदा और खोखा कारतूस व एक बाइक बरामद की है।
छोटू सिंह झारखण्ड और बिहार में दर्ज कई हत्याओं, रंगदारी, और आपराधिक साजिशों के मामलों में वांछित रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था
अमन सिंह की हत्या का था मुख्य साजिशकर्ता
गौरतलब है कि 3 दिसंबर 2023 को धनबाद मंडल कारा में कुख्यात गैंगस्टर अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को सुंदर यादव उर्फ रितेश यादव ने अंजाम दिया था, लेकिन बाद में सीआईडी जांच में यह खुलासा हुआ कि हत्या की पूरी साजिश अमन के ही साथी आशीष रंजन सिंह ने रची थी।
कोयलांचल पर वर्चस्व की लड़ाई के तहत आशीष ने सुंदर यादव के साथ मिलकर अमन की जेल के अंदर ही हत्या करवाई थी। अमन सिंह नीरज सिंह हत्याकांड में जेल में बंद था और लगातार रंगदारी के मामलों को जेल से ही संचालित कर रहा था।अमन सिंह का नेटवर्क धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और आसपास के जिलों में सक्रिय था। उसके गिरोह में आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह, रिंकू सिंह उर्फ धमेन्द्र सिंह, विकास बजरंगी, सतीश कुमार उर्फ सतीश गांधी, चंदन यादव, अमर रवानी, शहजाद कुरैशी और बंटी उर्फ धनु शर्मा जैसे कुख्यात अपराधी शामिल थे।
रिंकू सिंह, अमन सिंह का शुरुआती गुरु माना जाता है, लेकिन बाद में अमन ने खुद को एक बड़ा गैंग लीडर बना लिया था और अपने नाम से इलाके में दहशत फैलाकर रंगदारी वसूली शुरू कर दी थी। यही आपसी टकराव अंततः गैंगवार में तब्दील हो गया।

