देवघर के मधुपुर में काली मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर सांप्रदायिक तनाव, मारपीट-पथराव में एक दर्जन से अधिक घायल…
देवघर।झारखण्ड के देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लालगढ़ मोहल्ले में गुरुवार को उस समय सांप्रदायिक तनाव फैल गया, जब काली मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में दोनों पक्षों से एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से नौ घायलों को इलाज के लिए मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया हैमघटना की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। मौके पर मधुपुर एसडीपीओ सत्येंद्र प्रसाद के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस पहुंची और इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कैंप कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लालगढ़ मोहल्ले में स्थित करीब सौ वर्ष पुराना काली मंदिर एक ओर से झुक गया था, जिसके कारण उसका जीर्णोद्धार और प्लास्टर का कार्य कराया जा रहा था। यह इलाका मुस्लिम बहुल बताया जा रहा है। मंदिर के मरम्मत कार्य को लेकर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।बताया जाता है कि बुधवार रात को इस मुद्दे पर कहासुनी के बाद पथराव की घटना हुई, जिससे दूसरे पक्ष के लोगों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर किसी तरह स्थिति को शांत कराया गया। हालांकि गुरुवार सुबह एक बार फिर माहौल बिगड़ गया और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस दोबारा घटनास्थल पर पहुंची और मधुपुर थाना, पथरौल थाना, बुढई थाना तथा मारगोमुंडा थाना की पुलिस टीमें मौके पर तैनात कर दी गईं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती जारी है। 
मधुपुर के लालगढ़ में काली मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटना पर गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए झारखंड सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि “हिंदू झारखण्ड में अपनी ही जमीन पर मंदिर तक नहीं बना सकते।” उन्होंने लालगढ़ की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि मंदिर के जीर्णोद्धार का विरोध करते हुए हिंसा भड़काई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बनाया गया, जो अत्यंत निंदनीय है।
निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि इसमें मंत्री हफीज अंसारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस, झामुमो और राजद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना इन दलों के “असल चरित्र” को उजागर करती है। साथ ही उन्होंने मधुपुर के विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता सब देख रही है।
इधर, घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मामले की जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि यह काली मंदिर एक छोटा मंदिर है, जिसे स्थानीय कुछ परिवार अपनी कुलदेवी का स्थान मानते हैं। मंदिर के मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर उपजे विरोध ने धीरे-धीरे सांप्रदायिक रूप ले लिया और मामला हिंसक झड़प तक पहुंच गया। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

