जमीन विवाद बना खूनी साजिश की वजह,सोमा मुंडा हत्याकांड का खुलासा,शूटर ने 50 हजार रुपये लेकर कर दी हत्या..शूटर समेत 6 गिरफ्तार
खूंटी।झारखण्ड में खूंटी के चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी तात्कालिक विवाद का नतीजा नहीं,बल्कि जमीन कारोबार से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद और सुनियोजित साजिश का परिणाम थी।हत्या की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी, जिसे शूटरों और सहयोगियों की मदद से अंजाम दिया गया है।खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि इस हत्याकांड में शूटर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।पूर्व में भी आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।अबतक कुल 14 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।आरोपी जमीन खरीद फरोख्त के कारोबार में सक्रिय थे और सीएनटी/गैरमजरुआ जमीन से जुड़े लेन-देन को लेकर सोमा मुंडा से उनका विवाद चल रहा था।इसी विवाद में सोमा मुंडा को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।साजिश के तहत हथियार, मोटरसाइकिल और शूटरों की व्यवस्था की गई थी।
7 जनवरी 2026 को सोमा मुंडा जब अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी जा रहे थे, तभी घात लगाए बैठे अपराधियों ने उनका पीछा किया।जमुवादाग तालाब के पास देसी पिस्टल से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए है। खूंटी एसपी ने बताया कि यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या थी।जिसमें जमीन कारोबार से जुड़े आर्थिक लाभ के लिए साजिश रची गई। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
घटना के बाद पुलिस ने एसआईटी गठित कर तकनीकी साक्ष्य,मोबाइल कॉल डिटेल्स और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी शुरू की। जांच के दौरान हत्या में प्रयुक्त देसी पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, दो मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में 44 वर्षीय दानियल सांगा, 20 वर्षीय सुमित दाल सांड, 20 वर्षीय मार्कुस सांगा, 25 वर्षीय रोशन मिंज, 35 वर्षीय संदीप खलखो और 32 वर्षीय संतोष दाल सांड शामिल हैं।पुलिस ने सभी 6 अपराधियों का शहर में परेड कराया।
क्यों कि हत्या और कैसे दिया वारदात को अंजाम किया खुलासा ..
गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा अपने अपराध स्वीकारोक्ति बयान में अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया गया है कि अभियुक्त दानियल संगा जो मुण्डा चलागी का निवासी है,जहां इस काण्ड के मृतक सोमा मुण्डा का भी पुराना घर है।वर्तमान में सोमा मुण्डा सोनार चलागी में अपना स्कूल चलाते थे और उसी कैम्पस में सपरिवार निवास करते थे।जबकि दानियल संगा हुटार चौक के समीप अपना घर बनाकर सपरिवार निवास करते है।जमीन का खरीद बिक्री का काम लगातार करते थे।उक्त जमीन खरीद बिक्री में सोमा मुण्डा CNT या मजीयस जमीन का हवाला देकर बाधा उत्पन्न करते रहते थे। इसको लेकर दानियल संगा सहित कई जमीन कारोबारी काफी परेशान थे।
इसी दौरान मौजा जियारप्पा के एक जमीन पर जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर के माध्यम से ग्रामसभा के कुछ सदस्यों द्वारा समतलीकरण कर जमीन पर गाड़ा हुआ सिलापट्ट को उखाड़कर हटा दिया गया। जिसके बाद सोमा मुण्डा पड़हा समाज का दिसम्बर में बैठक कर निर्णय लिया गया कि फिर से हमलोग दिनांक 03/01/2026 को सिलापट्ट गाड देंगे। जिससे इस काण्ड में पूर्व में जेल भेजे गये अभियुक्तों तथा संलिप्त कई जमीन कारोबारियों को नागवार लगा और सभी के द्वारा मिलकर पड़हा राजा सोमा मुण्डा की हत्या की साजिश रची गयी।
माह नवम्बर-दिसम्बर 2025 में ग्राम -जियारप्पा में खाली पड़े 30-32 एकड़ जमीन, जिसे जमीन कारोबारी देवव्रत नाथ शाहदेव, पंकज कुमार शर्मा एवं चन्दन यादव के माध्यम से तथा अन्य जमीन कारोबारी कई एकड़ जमीन स्थानीय जमीन कारोबारी के माध्यम से बेचने का प्रयास कर रहे थे,किन्तु उस जमीन पर स्थानीय ग्रामसभा द्वारा कब्जा नहीं करने देने के कारण जमीन का बिक्री नहीं हो पा रहा था.उक्त सभी जमीन पर देवव्रत नाथ शाहदेव अपने सहयोगी पंकज शर्मा एवं चंदन यादव के माध्यम से ग्राम-जियारप्पा के ग्रामसभा के अध्यक्ष बाहा मुण्डा एवं ग्रामसभा के सचिव देवा पाहन से मिलकर प्रति डिसमील दस हजार रूपया देकर जमीन को कब्जा करा रहे थे।
इसके लिए क्रिशमश पर्व के आसपास दानिएल संगा को जमीन कारोबारी द्वारा देशी पिस्टल और गोली उपलब्ध कराया गया।सोमा मुण्डा के इस गतिविधि से दानिएल संगा के भतीजा संतोष दगल सांड एव सुमित दगल साड जो दानियल संगा के साथ में रहते थे, वे दोनों भी नाराज थे।इसी क्रम में मुण्डा चलागी का मारकुस संगा जो सोमा मुण्डा के विद्यालय में वर्ष 2022 में दाखिला लिया था, परन्तु उसका क्रिया कलाप सही नहीं रहने के कारण सोमा मुण्डा उसे विद्यालय से निष्कासित कर दिए थे।जिससे मारकुस संगा भी काफी नाराज था।इस बात की जानकारी दानिएल संगा को उसके भतीजा सुमित दगल सांड के माध्यम से हुई तो वह मारकुस संगा को बुलाया तथा सोमा मुण्डा को जान से मारने का प्रस्ताव दिया जिसके एवज में उसे 25000/-अपने स्तर से तथा 25000/- रूपया जमीन कारोबारी के माध्यम से देने की बात बताया।दानियल संगा अपना भतीजा सुमित को सोमा मुण्डा का हत्या के लिए अपना पल्सर मोटरसाईकिल में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उपलब्ध कराया तथा हथियार गोली भी दिया।दिनांक 07/01/2026 को जब दानियल संगा को यह जानकारी हुआ कि सोमा मुण्डा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाईकिल से खूंटी जा रहे है तो इस बात की जानकारी वह अपने भतीजा सुमित को दिया। इसके बाद सुमित अपने सहयोगी मारकुस संगा के साथ मिलकर दानियल संगा के द्वारा दिये गये हथियार गोली एवं मोटरसाईकिल का उपयोग कर खूंटी में रेकी व पीछा कर सोमा मुण्डा को घर वापसी के दौरान जमुवादाग तालाब के पास गोली मारकर हत्या कर दिया गया।
सोमा मुण्डा का रेकी के लिए सुमित द्वारा अपने दोस्त रौशन मिचयाड़ी को भी पिपरा टोली के पास लगाया गया था, जो अपने पल्सर मोटरसाईकिल से रेकी कर रहा था।हत्या करने के उपरान्त सुमित एवं मारकुस अपने दोस्त रौशन मिचयाड़ी के गांव ग्राम बिरहू चले गये तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल को उसके घर में छुपा दिये।बाद में घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल को अपने भाई संतोष के माध्यम लाकर अपन चाचा दानियल के हुटार स्थित घर में रख दिये तथा हथियार गोली को अपना भाई संतोष एवं चाचा के माध्यम से कपरिया स्थित खलखो फॉर्म हाउस के संचालक संदीप खलखो के पास छुपा दिए।

