राँची के होटवार जेल में नाच और आपराधिक क्रियाकलाप पर झारखण्ड हाईकोर्ट गंभीर, राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश

राँची।राँची के होटवार जेल में नाच प्रकरण और सोशल मीडिया अकाउंट से माफिया और सरगनाओं द्वारा आपराधिक क्रियाकलापों की खबर मीडिया में आने का मामला अब हाईकोर्ट में पहुंच गया है।झारखण्ड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए राज्य सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि खंडपीठ ने नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त मौखिक टिप्पणी की है।कोर्ट ने इसे राज्य की एजेंसी के लिए शर्मनाक और चिंताजनक बताया है।मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 6 जनवरी 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।दरअसल,नवंबर माह में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था।उसमें दो कैदियों के डांस का कथित वीडियो वायरल होने के बाद कारा महानिरीक्षक ने होटवार जेल के सहायक कारापाल जगन्नाथ राम को निलंबित कर दिया था। उन्होंने कथित वीडियो की सत्यता की जांच के लिए जेल निदेशक मनोज कुमार को जिम्मेदारी दी थी।वीडियो में विधु गुप्ता और विक्की भालोटिया का होना बताया जा रहा था।विधु गुप्ता, मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी का संचालक है, जिसे एसीबी ने शराब घोटाला केस में जुलाई महीने में जेल भेजा था।

बता दें कि होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, पहले भी विवादों में रहा है।पूर्व में ईडी के मामले में गिरफ्तार हाई प्रोफाइल बंदियों को जेल मैनुअल का उल्लंघन कर मदद करने एवं अनुचित सुविधा देने का आरोप जेल प्रशासन पर लग चुका है।

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