झारखण्ड निकाय चुनाव:राँची-आदित्यपुर मेयर पद एसटी के लिए आरक्षित, धनबाद-देवघर समेत 5 सीटें सामान्य

 

राँची।झारखण्ड में आगामी समय में होने वाले नगर निकाय चुनावों में वार्ड पार्षद और मेयर पदों का आरक्षण बदला हुआ रहेगा।इस बार वार्ड पार्षदों का आरक्षण एक बार फिर चक्रीय आधार पर शुरू किया जाएगा,जबकि नगर निगम के मेयर, नगर पंचायत एवं नगर परिषद के अध्यक्ष पद को चक्रीय आरक्षण से बाहर रखा गया है।

पहले एससी,फिर एसटी, बीसी-1, बीसी-2 और अंत में सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होगा। नगर निगम/नगर परिषद के अध्यक्ष पद का फॉर्मूला होगा उसके तहत पहले एसटी फिर एससी उसके बाद बीसी-1 और बीसी-2 और आखिर में सामान्य।

राँची और आदित्यपुर नगर निगम में मेयर पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित होगा।वहीं गिरिडीह में मेयर की सीट अनुसूचित जाति (SC) को हजारीबाग में मेयर पद पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए तय किया गया है। देवघर, धनबाद, चास, मेदिनीनगर और मानगो की मेयर सीटें अनारक्षित रहेंगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में नगरपालिका निर्वाचन नियमावली में संशोधन किया है। इसके बाद नगर विकास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है और अब अंतिम निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इसी के आधार पर लिया जाएगा।

◆राँची और आदित्यपुर नगर निगम में मेयर पद, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित

◆गिरिडीह में मेयर पद, अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित
हजारीबाग में मेयर पद, पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित

◆देवघर, धनबाद, चास, मेदिनीनगर और मानगो में मेयर पद अनारक्षित (सामान्य)

राज्य सरकार ने इस संबंध में झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन नियमावली में संशोधन कर दिया है।इसके बाद नगर विकास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है और अब अंतिम निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग इसी आधार पर लेगा।

राज्य में शहरी निकाय चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को पत्र भेजकर वार्डों में आरक्षण की प्रक्रिया हर हाल में दिसंबर 2025 तक पूरी कर लेने का निर्देश दिया है।जिला स्तर पर वार्डों का आरक्षण चक्रीय आधार पर ही होगा और इसके लिए निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर निर्धारण किया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद के अनुसार, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार निर्धारित समय-सीमा के अंदर चुनाव करा लिए जाएंगे। इसके लिए तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नगर विकास विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार ही वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस चुनाव को पहला चुनाव मानते हुए वार्डों के आरक्षण में नए सिरे से चक्रीय आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जबकि अध्यक्ष पदों के लिए चक्रीय आरक्षण को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

जहां होने हैं शहरी निकाय चुनाव (सूची)

नगर निगम (9): राँची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर, मानगो

नगर परिषद (20): गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो, मिहिजाम

नगर पंचायत (19): बंशीधर नगर, मझियावां, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़कागांव-सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला, चाकुलिया

शहरी निकाय क्षेत्र में होगा अधिकतम 50% आरक्षण

नए नियमों के अनुसार राज्य में शहरी निकाय क्षेत्रों में आरक्षण की अधिकतम सीमा 50% से अधिक नहीं हो सकती।इसी कारण 9 में से केवल 4 मेयर पद ही आरक्षित किए जा रहे हैं।

संशोधित नियमावली के अनुसार नगर निगमों को दो वर्गों में बांटा गया है। क’ वर्ग में 10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले नगर निगम जिसमें रांची, धनबाद शामिल हैं। वहीं ‘ख’ वर्ग में 10 लाख से कम आबादी वाले नगर निगम-आदित्यपुर, गिरिडीह, हजारीबाग, चास, देवघर मेदनीनगर मानगो शामिल है।इसके अलावा राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिस वार्ड में किसी वर्ग (SC/ST/OBC) की जनसंख्या 1% से कम है, वहां उस वर्ग के लिए आरक्षण लागू नहीं होगा।

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