जमशेदपुर:महिला सिपाही से छेड़खानी के आरोप में थाना प्रभारी सस्पेंड…

जमशेदपुर।झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ थाना प्रभारी पवन कुमार पर सहकर्मी महिला आरक्षी से छेड़छाड़ का आरोप सच पाया गया। पहली नजर में जांच में दोषी पाए जाने के बाद एसएसपी पीयूष पांडेय ने उन्हें निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है। सवाल यह उठ रहा है कि अगर थाना परिसर में कार्यरत महिला पुलिस सुरक्षित नहीं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की क्या गारंटी ?

जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को एक महिला आरक्षी ने धालभूमगढ़ थाना प्रभारी पवन कुमार के खिलाफ जिला पुलिस कप्तान को लिखित शिकायत दी। आरोप था कि थाना प्रभारी ने उन्हें अपने चेंबर में बुलाकर हाथ पकड़ा और व्यक्तिगत मोबाइल नंबर मांगा। आरक्षी ने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने 28, 29 और 30 सितंबर के दौरान कई बार फोन कर परेशान किया। यही सिलसिला 8 व 9 अक्टूबर को भी जारी रहा। लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान महिला आरक्षी ने आखिरकार जिला कप्तान से सुरक्षा की गुहार लगाई।

जांच में आरोप सही, तुरंत गिरी गाज

शिकायत के बाद घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुजूर को जांच की जिम्मेदारी दी गई। एसडीपीओ ने थाना स्टाफ और महिला चौकीदार से पूछताछ की। बयान और तथ्यों के आधार पर आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई और उसी आधार पर बीते शुक्रवार को थानेदार पवन कुमार को निलंबित कर दिया गया।

थानेदार बोले- ‘फंसाया गया, कोर्ट जाऊंगा’

वहीं, पवन कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आरोप निराधार हैं। मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है। कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं। सिर्फ बयान पर आरोपी बना दिया गया। मेरे पास भी कॉल और बातचीत के सबूत हैं। मैं कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।

बार-बार बदलती पोस्टिंग… लगातार विवादों में नाम

जानकारी के अनुसार, पवन कुमार पिछले एक साल में तीन थाना-गुड़ाबांदा, सुंदरनगर और धालभूमगढ़ – के प्रभारी रहे, लेकिन किसी भी जगह 4 महीने से ज्यादा टिक नहीं सके। हर जगह किसी न किसी विवाद व आरोप में घिरते रहे। निलंबन के बाद धालभूमगढ़ थाना की कमान एसआई धीरज मिश्रा को बनाया है।महिला पुलिसकर्मी को ही सुरक्षा की गुहार लगानी पड़े – यह अपने आप में गंभीर मामला है।

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