पति ने पहली पत्नी के साथ मिलकर दूसरी पत्नी की हत्या कर दी…ग्रामीणों को हत्या को हादसा बताया,पुलिस ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार

 

गुमला।झारखण्ड के गुमला जिला के सिसई बस्ती में 28 जून की रात रिजवाना परवीन नामक महिला की हत्या कर उसे हादसा का रूप देने की योजना का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है।पुलिस के अनुसार, ये हादसा नहीं बल्कि मर्डर था। हत्या मृतका के पति शमशाद अंसारी और उसकी दूसरी पत्नी अफसाना खातून ने की थीमृतका के भाई रिजवान अंसारी ने उसके पति, उसकी सौतन सहित 5 के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने हत्या में शामिल पति-पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मामले को लेकर एसडीपीओ गुमला सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि पंचनामा के दौरान पता चला कि मृतिका के सिर पर गंभीर चोट के निशान है। कड़ाई से पूछताछ के बाद मृतका के पति शमशाद अंसारी और पहली पत्नी अफसाना खातून को गिरफ्तार किया गया। अफसाना खातून ने बताया कि रिजवाना परवीन मेरी पहली सौतन थी। वह मेरे बच्चों का हक मार रही थी और मुझे पति से दूर कर देती थी। मैंने अपने पति के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 28 जून की रात 8:00 बजे आटा गुथने के दौरान विवाद के बीच प्लान के तहत कुल्हाड़ी से रिजवाना परवीन के सिर पर वार कर जख्मी कर दिया, इसके बाद दुपट्टे से गला घोटकर हत्या कर दी। साथ ही पड़ोस में यह खबर फैला दी की सीढ़ी से गिरने के कारण रिजवाना की मौत हुई है।एसडीपीओ ने कहा कि घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और कपड़ा बरामद किया गया है और पुलिस आगे कार्रवाई कर रही है।

रिजवाना की प्रेम-प्रसंग के बाद हुई थी शादी:
मृतक के भाई राँची के नगड़ी थाना निवासी रिजवान अंसारी ने दामाद शमशाद अंसारी, सौतन अफसाना परवीन, सास सैरा बानो, ससुर रहीम अंसारी व देवर अफसर अंसारी पर दहेज के कारण रिजवाना खातून की हत्या का आरोप लगाते हुए सिसई थाना में रविवार को आवेदन देकर मामला दर्ज कराया।आवेदन में कहा है कि रिजवाना खातून प्रेम-प्रसंग में घर से भाग कर छह नवंबर 2024 को शमशाद अंसारी से शादी की थी।दोनों की शादी में लोंगा गांव के इमाम सैनुल अंसारी की अहम भूमिका थी।तब से वह शमशाद अंसारी की तीसरी पत्नी के रूप में उसके घर में रह रही थी।शादी के कुछ दिनों बाद से ही उसके पति, सौतन, सास, ससुर व देवर दहेज के लिए मारपीट व प्रताड़ित कर रहे थे।बहन द्वारा इसकी बराबर हमें जानकारी दी जाती थी। परेशान होकर हमने अपनी पुश्तैनी जमीन बेच कर फरवरी 2025 में दो लाख रुपये नकद शमशाद को दिये थे।कुछ दिन ठीक रहने के बाद शमशाद व उसके परिवार वाले फिर से रुपये व दहेज के लिए रिजवाना को प्रताड़ित करने लगे।अचानक शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे मेरी बहन के देवर अफसर अंसारी ने फोन कर कहा कि रिजवाना की मौत हो गयी है और फोन काट दिया।अनहोनी की आशंका पर मैं व घर वाले सिसई बस्ती स्थित बहन की ससुराल पहुंचे, तो देखा कि रिजवाना बिस्तर पर अचेत पड़ी हुई थी। नजदीक जाकर देखा तो उसके सिर में गंभीर चोट व गले में रस्सी या अन्य चीजों से दबाने के निशान थे और उसकी मौत हो चुकी थी।

रिपोर्ट:दीपक गुप्ता,गुमला

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