ऑपरेशन ‘आहट’ के तहत मानव तस्करी का प्रयास विफल, 4 नाबालिग का रेस्क्यू,दो दलाल धराया…
राँची।रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त कार्रवाई में राँची मंडल में एक बड़ी मानव तस्करी की साजिश को विफल कर दिया गया।ऑपरेशन ‘आहट’ के तहत की गई इस कार्रवाई में चार नाबालिग बालकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिन्हें गैरकानूनी तरीके से तमिलनाडु के तिरुपुर ले जाया जा रहा था।घटना के संबंध में बताया गया कि जब आरपीएफ की टीम ने ट्रेन संख्या 13351 दुमका-चित्तरंजन एक्सप्रेस के कोच S6 में संदेहास्पद हालत में बैठे चार नाबालिगों और दो वयस्कों को पकड़ा।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि बच्चों को काम का लालच देकर तमिलनाडु ले जाया जा रहा था। जहां उन्हें एक कपड़ा कंपनी में मजदूरी पर लगाया जाना था।
दोनों वयस्क व्यक्तियों की पहचान रजु अंसारी और आरिश अंसारी के रूप में हुई है,जिन्होंने पूछताछ के दौरान माना कि वे एक ठेकेदार शोभिक कुमार गोप के कहने पर बच्चों को ले जा रहे थे।बदले में उन्हें 3500 रुपये की दलाली मिलने वाली थी।आरपीएफ की महिला सब-इंस्पेक्टर सुनीता तिर्की ने मौके पर एक मोबाइल फोन, यात्रा टिकट और 3500 रुपए की राशि का स्क्रीनशॉट जब्त किया।मामले में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को AHTU थाना कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया।
इस कार्रवाई को आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर अंजाम दिया गया, जिसमें IPF शिशुपाल, एसआई सूरज पांडेय, सोहन लाल, सुनीता तिर्की तथा स्टाफ के अन्य सदस्य संजय यादव, पिंकी, मोहिनी और दिव्या सिंह शामिल रहे। सभी की त्वरित प्रतिक्रिया और सामूहिक प्रयास से चार मासूम बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल में धंसने से बचा लिया गया।कमांडेड पवन कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि लगातार यह अभियान जारी है।गलत गतिविधियों पर आरपीएफ की पैनी नजर है।
आरपीएफ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रेलवे के माध्यम से हो रही मानव तस्करी की घटनाओं पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। ऑपरेशन आहट के तहत लगातार निगरानी, जांच और छापेमारी की जा रही है रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
बचाए गए नाबालिगों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की निगरानी में रखा गया है और उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है।वहीं, इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों तक भी कानून की पकड़ पहुंच सके।

