खाट पर ले जा रहे थे अस्पताल, रास्ते में ही गूंजी बच्चे की किलकारी…

 

चतरा।भारत को आजाद हुए 77 साल हो चुके हैं लेकिन आज भी कई ऐसी जगह है, जहां विकास तो छोड़िये लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही है। कई ऐसे गांव है,जहां लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।बेहद ही दयनीय स्थिति को दर्शाता हुआ एक मामला झारखण्ड के चतरा जिले से सामने आया है।यहां गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए जब एंबुलेंस बुलाया गया, तो सड़क और पुल की कमी के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी।चतरा जिले के प्रतापपुर में गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई।महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 ममता वाहन को बुलाया बुलाया गया। लेकिन हुआ ये कि प्रतापपुर में सड़क और पुल की कमी के कारण एंबुलेंस गांव तक पहुंच ही नहीं सकी। अंत में ग्रामीणों ने वही किया जो कई बार हमें देखने या सुनने को मिलता है।महिला को खाट के सहारे अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया।

मालूम हो झारखण्ड में यह कोई पहला मामला नहीं है।कुछ दिन पहले ही पाकुड़ जिले से भी कुछ ऐसा मामला सामने आया था। जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड में डूमरचीर पंचायत के बड़ा बास्को पहाड़ गांव में सड़क के अभाव में एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। इसके बाद पिता ने अपने बीमार बेटे को इलाज के लिए खाट पर टांगकर दो किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।

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