टैंकर से शुद्ध दूध निकाल कर की जाती थी मिलावट, फूड सेफ्टी विभाग ने किया भंडाफोड़…
रामगढ़।झारखण्ड के रामगढ़ जिले में दूध के टैंकरों से दूध निकालकर उसमें पानी और केमिकल मिलाने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है।फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर की कार्रवाई में मामले का उद्भेदन हुआ है।टीम ने मौके से दूध के टैंकर को जब्त कर लिया है।मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।दरअसल, एनएच 33 स्थित कोठार रॉबिन होटल के पास एक दूध के टैंकर से दूध निकालकर पानी और केमिकल मिलाया जा रहा था। इसी क्रम में गुप्त सूचना के आधार पर फूड सेफ्टी इंस्पेक्ट दीपश्री श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ पहुंच गईं। फूड सेफ्टी की टीम को देखकर मिलवाट करने वाले गैंग के सदस्य फरार हो गए।हालांकि टीम ने होटल संचालक को रोक कर रखा है और उससे पूछताछ की जा रही है।
फूड सेफ्टी इंस्पेक्ट दीपश्री श्रीवास्तव ने बताया कि 30 हजार लीटर दूध की क्षमता की टैंकर से करीब 500 लीटर दूध निकाल लिया गया है। गैंग के सभी मेंबर फरार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 30 हजार लीटर मिलवाटी दूध को छावनी परिषद के कचरा यार्ड में बहा दिया गया है।एसडीओ के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर दीपश्री श्रीवास्तव ने बताया कि दूध के टैंकर में से दूध निकाल कर उसे दूसरे ड्रम में भर लिया जाता था, फिर दूध के टैंकर में पानी या अन्य केमिकल मिलाया जाता था।उन्होंने बताया कि दूध का सैंपल लिया गया है। उसे जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।मामले में दोषियों पर कार्रवाई होगी। होटल संचालक, टैंकर का चालक, पिकअप चालक पर कार्रवाई होगी।साथ ही एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर ने बताया कि दूध टैंकर ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रहा था।इस क्रम में रामगढ़ के रॉबिन होटल के पास दूध का टैंकर रुका था।वहां पहले से एक पिकअप वैन उसके पीछे होटल के ही किनारे सिंटेक्स की टंकी और ड्रम लोड किए हुए खड़ी थी। टैंकर में तीस हजार लीटर दूध भरा था। ड्राइवर और उसके साथी ने टैंकर के ऊपर लगी सील को एक स्पेशल चाबी की मदद से खोल दिया।फिर एक मोटर से लगे पाइप की मदद से टैंकर से दूध पास में खड़ी एक पिकअप के अंदर रखे खाली ड्रम में भरा गया।करीब पांच हजार लीटर शुद्ध दूध टैंकर से निकालने के बाद उतना ही पानी दूध टैंकर में वापस डाल दिया गया था।
वहीं इस मामले में होटल संचालक ने कहा कि यह कारोबार पिछले 3 महीने से चल रहा था।वह केवल कारोबार करने वालों को पानी मुहैया कराता था।होटल संचालक ने इस मिलावटखोरी के खेल में उसकी भूमिका से इनकार किया है।फूड सेफ्टी टीम मामले की जांच में जुटी है।
वहीं डॉक्टर के अनुसार नकली दूध आंतों में सूजन, लीवर इंफेक्शन, हार्ट डिजीज, मिसकैरेज और यहां तक की कैंसर की वजह बन सकता है। फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर ने टैंकर में लोड 30 हजार लीटर दूध को रामगढ़ छावनी के कचरा डंपिंग यार्ड में बहा दिया है।यह मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। हालांकि अब देखने वाली बात होगी कि इस पूरे सिंडिकेट को संचालित करने वाले गिरोह के सदस्यों तक कब तक पुलिस पहुंचती है।
गौरतलब हो कि नकली पनीर और मिलावटी मावा बेचने के मामले पूर्व में भी आते रहे हैं। लेकिन दूध के टैंकरों से शुद्ध दूध निकालकर उसमें मिलवाट करने का यह पहला मामला रामगढ़ में प्रकाश में आया है।डेयरी प्लांट पहुंचने से पहले रास्ते में ही दूध में मिलावट करने का भंडाफोड़ हुआ है। वहीं मामले का खुलासा होने के बाद लोग अचंभित हैं।

