धनबाद:बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में 8 साल बाद आया फैसला,अदालत ने पूर्व विधायक संजीव सिंह सहित 10 को किया बरी
धनबाद।झारखण्ड के बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में बुधवार 27 अगस्त को धनबाद के व्यवहार न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह को आरोपों से रिहा कर दिया है।इस मामले के सभी आरोपियों को नीरज सिंह मर्डर केस से बरी कर दिया गया है। इससे पहले संजीव सिंह को स्ट्रेचर पर कोर्ट के अंदर ले जाया गया।पुलिस उन्हें एंबुलेंस में सिंह मेंशन से लेकर कोर्ट पहुंची थी। इसके पहले वकीलों को कोर्ट में प्रवेश नहीं करने देने पर वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।हालांकि, थोड़ी देर बाद नारेबाजी बंद हो गयी और कोर्ट ने नीरज सिंह मर्डर केस की सुनवाई शुरू की।
कोयला राजधानी धनबाद को हिला देने वाले बहुचर्चित नीरज हत्याकांड में आठ वर्षों की लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। अदालत ने जहां झरिया के पूर्व भाजपा विधायक समेत दस आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया।यह वही कांड है जिसने 21 मार्च 2017 की शाम को धनबाद की सड़कों को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला दिया था। सरेआम हुई अंधाधुंध गोलीबारी में नीरज सिंह समेत चार लोगों की मौत हुई थी।
लंबे समय से राजनीति और अपराध के गठजोड़ का प्रतीक माने जा रहे इस मामले में अदालत का फैसला न केवल न्याय की जीत है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश है कि अपराध चाहे कितना ही चर्चित क्यों न हो, कानून की तराजू में सबको समान देखा जाता है।यह मामला वर्षों से धनबाद की राजनीति और अपराध जगत में चर्चा का केंद्र रहा। अदालत में गवाहों के बयान, सबूतों की पेशी और जिरह के सिलसिले ने पूरे आठ साल तक न्याय के तराजू को संतुलित रखा। अंततः, न्याय के पलड़े में सच भारी पड़ा।वहीं कोर्ट का फैसला आने के बाद नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने कहा फैसले की कॉपी मिलने के बाद हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती देंगे। वहीं फैसला आने के बाद संजीव सिंह के समर्थक कोर्ट रोड में खुशी मनाते हुए नजर आए।
कोर्ट का फैसला आने के बाद पूर्व विधायक संजीव सिंह की पत्नी और झरिया विधायक रागिनी सिंह ने अपने समर्थकों के साथ खूब जश्न मनाया
इससे पहले जिला प्रशासन ने बुधवार सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लगा दी थी, ताकि किसी तरह का कोई टकराव न हो।कोई प्रदर्शन न किया जा सके।सुरक्षा के लिए एक कंपनी जैप की तैनाती कर दी गयी थी।अनुमंडल दंडाधिकारी राजेश कुमार ने व्यवहार न्यायालय
धनबाद के मुख्य द्वार के बाहर एवं रणधीर वर्मा चौक से डीआरएम चौक तक के क्षेत्रों में 27 अगस्त को सुबह 6 बजे से अपराह्न 10:00 बजे तक के लिए निषेधाज्ञा लगा दी।
निषेधाज्ञा के जारी होने के बाद इन क्षेत्रों में 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, किसी प्रकार के धरना, रैली, सभा, प्रदर्शन, ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करने, हरवे हथियार एवं आग्नेयास्त्र के साथ चलने अथवा उसके प्रयोग करने पर प्रतिबंध था. प्रतिबंध न्यायाधीशों, अधविक्ताओं, पुलिस अधिकारियों के वाहनों पर लागू नहीं था।
अनुमंडल दंडाधिकारी ने कहा कि सरायढेला थाना कांड संख्या 48/17 का बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -16 धनबाद के न्यायालय में उक्त कांड के अभियुक्त एवं झरिया के पूर्व विधायक सहित अन्य अभियुक्तों का फाइनल जजमेंट है।प्रशासन को सूचना मिली है कि जजमेंट से पहले काफी संख्या में दोनों गुटों के समर्थक न्यायालय में उपस्थित रहेंगे। इससे आपसी टकराव होने एवं अप्रिय घटना घटित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।इसलिए विधि-व्यवस्था को बनाये रखने के लिए निषेधाज्ञा जारी कर दी गयी है।कोर्ट परिसर में सुरक्षा के लिए जैप की एक कंपनी बुलायी गयी
सभी की तैनाती कोर्ट कैंपस एवं आस-पास के इलाकों में की गयी है।नियमित पुलिस गश्त भी तेज कर दी गयी।
8 साल तक 6 कोर्ट में 408 तारीख के बाद आया फैसला
10 लोगों के खिलाफ चला ट्रायल
उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर के शूटर अमन सिंह, सुल्तानपुर के कुर्बान अली उर्फ सोनू, बलिया के चंदन सिंह उर्फ रोहित उर्फ सतीश और सुल्तानपुर के शिबू उर्फ सागर सिंह के साथ के साथ शूटरों को धनबाद बुलाने के आरोपी यूपी के सुल्तानपुर लंभुआ के पंकज सिंह, समस्तीपुर के डब्ल्यू मिश्रा, झरिया निवासी उसका दोस्त विनोद सिंह, सरायढेला के रणवीर धनंजय सिंह उर्फ धनजी, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू और झरिया माडा कॉलोनी निवासी रंजय सिंह के भाई संजय सिंह के अलावा मुन्ना बजरंगी के शार्प शूटर प्रयागराज निवासी धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह के खिलाफ सौंपा गया था आरोप पत्र।

