चाईबासा में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल शहीद, दो अन्य की हालत गंभीर
राँची। झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में शुक्रवार की रात नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर वीरगति को प्राप्त हुए हैं। नक्सलियों के द्वारा किए गए हमले में शुक्रवार की रात सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सहित तीन जवान घायल हुए थे।शहीद हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर असम के नौगांव के रहने वाले थे। उनका पार्थिव शरीर राँची लाया गया है।जहां पोस्टमार्टम के बाद सीआरपीएफ कैंप में अंतिम सलामी दी जाएगी।
नक्सलियों ने प्रतिरोध सप्ताह के दौरान बड़ी वारदात को अंजाम दिया है।शुक्रवार की रात नक्सलियों के द्वारा किए गए विस्फोट में सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर शहीद हो गए हैं। पुलिस मुख्यालय के द्वारा महेंद्र लश्कर के शहीद होने की पुष्टि की गई है। विस्फोट में सीआरपीएफ बटालियन के इंस्पेक्टर कौशल कुमार मिश्रा और सब इंस्पेक्टर रामचंद्र गोगी भी गंभीर रूप से घायल हैं।दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस मुख्यालय के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात चाईबासा के मनोहरपुर प्रखंड के सारंडा जंगल में नक्सलियों के द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ 60 बटालियन के इंस्पेक्टर सहित तीन जवान घायल हो गए थे।जिसमें इलाज के दौरान ही हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर वीरगति को प्राप्त हुए।
मामले को लेकर चाईबासा एसपी अमित रेणू ने बताया कि सारंडा में सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान दो आईईडी ब्लास्ट हुआ था।जिसमें सुरक्षा बल के अधिकारी समेत तीन जवान घायल हुए हुए थे।घायलों को उड़ीसा के राउरकेला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है।
सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ बेहद मजबूत ऑपरेशन चल रहा है, इसके बावजूद जंगल में नक्सली सुरक्षा बलों पर हावी हो रहे हैं।प्रतिरोध सप्ताह के दौरान नक्सलियों द्वारा की गई यह कार्रवाई बेहद चिंताजनक है।
आपको बता दें कि शुक्रवार को सारंडा के जिस इलाके में विस्फोट हुआ उस इलाके में मार्च से लेकर अब तक हुए ब्लास्ट में तीन जवान शहीद हो चुके हैं जबकि 9 बुरी तरह से जख्मी हुए हैं।
22 मार्च को सारंडा के छोटा नागपुर में हुए विस्फोट में सीआरपीएफ बटालियन के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह शहीद हो गए थे। 12 अप्रैल को हुए ब्लास्ट में जगुआर के जवान सुनील धन शहीद हो गए थे।वही 11 अक्टूबर यानी शुक्रवार को सीआरपीएफ के महेंद्र लश्कर शहीद हुए हैं।
झारखण्ड पुलिस के आईजी अभियान डॉक्टर माइकल राज ने बताया कि नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर शहीद हो गए हैं।

