सीआईडी की टीम ने दो करोड़ की ठगी में शामिल एक साइबर अपराधी को बंगाल से किया गिरफ्तार
राँची।झारखण्ड सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच टीम के द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। खासकर वैसे साइबर अपराधी क्राइम ब्रांच के निशाने पर हैं जो बड़े ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं।इसी कड़ी में सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच ने पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर दो करोड़ रुपए की ठगी करने वाले एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है।
अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) राँची के साइबर क्राइम थाने में 16 दिसंबर 2025 को एक व्यक्ति के द्वारा नामी वित्तीय फर्जी संस्थाओं के नाम पर नकली इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग एप्स के जरिए 2.06 करोड रुपए की ठगी को लेकर मामला दर्ज करवाया गया था। इस मामले में सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हासिल हुई है।
वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले की जांच के दौरान और टेक्निकल टीम की मदद से सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच ने पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर साइबर अपराधी अभिषेक बेरा को गिरफ्तार किया है।सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच ने पहले पता लगाया था कि इस ठगी में पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना का रहने वाला अभिषेक बेरा ही प्रमुख साजिश करता है।टेक्निकल सेल के द्वारा सटीक लोकेशन मिलने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की सहायता से अभिषेक को गिरफ्तार किया गया।उसके पास से लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और ठगी से संबंधित कागजात बरामद किए गए हैं।
सीआईडी के साइबर क्राइम ब्रांच के द्वारा यह बताया गया है कि याचिकाकर्ता को नकली इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग एप्स जिमसें GLOBIXVAULT नाम के फर्जी ट्रेडिंग फाइनेंस के माध्यम से ठगी की गई।पीड़ित को साइबर अपराधियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा था जिसमें आकर्षक ट्रस्ट ट्रेडिंग ऑफर भेजे जा रहे थे।उसमें नकली मुनाफा दिखाकर यह विश्वास दिलाया गया कि इसमें अगर करोड़ों रुपए लगाया जाएं तो 1 साल में पैसे दोगने हो जाएंगे।साइबर अपराधियों के इस झांसे में आकर पीड़ित ने 2.6 करोड़ रुपए साइबर अपराधी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में साइबर अपराधियों के द्वारा सभी तरह के ऐप्स और ग्रुप बंद कर दिए गए। तब पीड़ित को यह पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है और उसने साइबर क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच के अनुसार इस मामले में कई अन्य गिरफ्तार होनी शेष है।

