हजारीबाग कोर्ट में दारोगा की पिटाई मामले में 22 नामजद वकीलों सहित 52 वकीलों पर मामला दर्ज…
हजारीबाग।झारखण्ड के हज़ारीबाग में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच मारपीट का मामला बढ़ता जा रहा है।गुरुवार शाम हुई मारपीट के बाद दोनों पक्षों की ओर से बैठकों का दौर जारी है।झारखण्ड पुलिस एसोसिएशन की प्रदेश कमेटी शुक्रवार को हजारीबाग पहुंची। प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि सब इंस्पेक्टर के साथ मारपीट करना कायरता की निशानी है।
उन्होंने कहा कि हम हमेशा मानवाधिकार और सुरक्षा पर भरोसा करते हैं लेकिन हमें भी यह नहीं भूलना चाहिए कि हम सब भी किसी के बेटे हैं, ऊपर से नहीं आए हैं। न्यायालय के कमरे में जवान को पीटना कहां तक सही है।मुर्मू ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना से पुलिस कर्मियों का मनोबल टूट रहा है।उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर दोषी अधिवक्ताओं का बार लाइसेंस रद्द करने की मांग भी की है। पीड़ित एसआई मनोज कुजूर की ओर से सदर थाना में आवेदन दिया गया है। इसमें हाफ मर्डर और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
बार एसोसिएशन ने भी इस मामले को लेकर बैठक की। पुलिस कस्टडी में अधिवक्ता के साथ मारपीट की घटना का निंदा की।बार एसोसिएशन ऑफ हजारीबाग ने जनरल बॉडी का बैठक बुलाई लेकिन इस बैठक में बात नहीं बनी।ऐसे में फिर से बैठक बुलाने की बात कही गई है।इस बात की जानकारी हजारीबाग बार एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता गौरव सिन्हा ने दी है।
दारोगा की पिटाई मामले में सदर थाना ने 22 नामजद वकीलों समेत कुल 52 वकीलों पर प्राथमिकी दर्ज की है।प्राथमिकी गंभीर धाराओं में दर्ज की गई है। पीड़ित दारोगा मनोज कुजूर ने अपने बयान में कहा कि वकीलों के झुंड ने उन्हें बुरी तरह पीटा।
सदर थाना ने इस मामले में रोहित, वैभव, तापेश्वर, गौरव, दीपक, विकास, हरिश, प्रमोद, रान सोनी, रमेश सिंह, मोहित सिंह, कुणाल भारद्वाज, आफताब, भारत, जलील, दशरूद्दीन, निराला, गुलाम नबी, संतोष कुमार, निर्मल कुमार, ब्रजेश कुमार सहित अन्य वकीलों पर मामला दर्ज किया है।
सदर थाना कांड संख्या 192/2025 दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच उच्च अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है।कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज, स्टाफ तथा पुलिसकर्मी वकीलों की पहचान में मदद कर रहे हैं।
बता दें कि गुरुवार को पुलिस फर्जी एसीबी अधिकारी बन ठगी के चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए कोर्ट लाने गयी थी।इसी दौरान दारोगा मनोज कुजूर की कोर्ट परिसर में पिटाई हुई।कटकमसांडी थाना क्षेत्र के हफीजुल रहमान और प्रकाश मेहता की ओर से चार अभियुक्त नंदूवीर राम, महेश कुमार पासवान, अयोध्या नारायण पासवान और धनेश्वर राम के खिलाफ फर्जीवाड़ा और अवैध उगाही का मामला दर्ज हुआ था। अभियुक्तों के पास से स्कॉर्पियो वाहन, फर्जी आईडी कार्ड, पुलिस जूते, नगद और मोहर सहित आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई थी।
गुरुवार को अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया जा रहा था।इसी दौरान लगभग 40-50 वकीलों का झुंड कोर्ट परिसर में घुस आया और सरकारी कार्य में बाधा डालने लगा।दारोगा कुजूर ने बताया कि वकीलों ने उन्हें घेरकर लात-घूसों से पीटना शुरू किया।वकीलों ने उनकी वर्दी फाड़ दी, नेम प्लेट खींची और जाति सूचक अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। कुछ वकीलों ने जान मारने की नियत से उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं।
कुछ वकीलों ने उनके कान में कलम घुसा दी और उन्हें जमीन पर पटककर मारपीट की।इस घटना के दौरान कोर्ट में उपस्थित पुलिसकर्मी और स्टाफ ने बीच-बचाव किया और कुजूर को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

