बीएसएफ जवान की डेंगू से मौत,ऑपेरशन सिंदूर में थे शामिल

 

हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिला में चौपारण प्रखंड के झापा पंचायत अंतर्गत कोल्हुआ गांव का माहौल सोमवार को शोक और गर्व से भर गया। जब गांव का वीर सपूत बीएसएफ जवान अमित सिंह तिरंगे में लिपटकर अपने घर लौटा। जैसे ही उनके पार्थिव शरीर को गांव लाया गया,पूरा इलाका “भारत माता की जय” और “अमित सिंह अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।

अमित सिंह उन वीर जवानों में थे जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा पर डटे रहे और देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई। बताया जाता है कि जब उनके पिता का श्राद्धकर्म चल रहा था, उसी समय सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने घर लौटने के बजाय ड्यूटी पर बने रहना चुना। उन्होंने दिखाया कि देशभक्ति केवल शब्द नहीं, बल्कि कर्म है।

सोमवार को जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव लाया गया, हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। भारत माता की जय के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।चौपारण के चतरा मोड़ पर एसडीपीओ अजीत कुमार विमल और थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

वहीं पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला और जिला परिषद सदस्य रवि शंकर अकेला ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर फूल-मालाओं से श्रद्धांजलि दी। उमाशंकर अकेला ने कंधा देते हुए कहा कि सच्चा सिपाही अपने कर्तव्य से कभी पीछे नहीं हटता।जवान के अंतिम संस्कार के दौरान का दृश्य अत्यंत भावुक हो गया।अमित सिंह के बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी तो पूरा गांव रो पड़ा।

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