एसीबी की जांच में बड़ा खुलासा:फर्जी बैंक गारंटी के बदले 75 लाख ले लिया, विनय चौबे–विनय सिंह की भूमिका पर जांच एजेंसी का शिकंजा
राँची।झारखण्ड के जेल में बंद और निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे से जुड़े शराब घोटाला और आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में आरोपी महेश शेडगे का बयान BNSS की धारा 180 के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें विनय सिंह और विनय कुमार चौबे की आपसी मिलीभगत स्पष्ट रूप से सामने आई है। जांच में यह बात सामने आई है कि विनय सिंह ने विनय चौबे के इशारे पर फर्जी बैंक गारंटी के बदले 75 लाख रुपये की राशि ली थी।
जांच एजेंसी को BNSS की धारा 183 के तहत दर्ज गवाहों के बयानों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि विनय सिंह ने विनय कुमार चौबे की ओर से और उनके लिए बड़ी रकम का लेन-देन किया। अब तक एकत्र साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि फर्जी बैंक गारंटी के जरिए वित्तीय लाभ पहुंचाने में दोनों की सक्रिय भूमिका रही है, जिससे घोटाले का दायरा और गंभीर हो गया है।
मामले में एक अहम खुलासा नेक्सजेन सॉल्यूशंस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता को कंपनी में कंसल्टेंट दिखाया गया, लेकिन अब तक कंपनी की ओर से उनका नियुक्ति पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। नेक्सजेन के अकाउंटेंट राजीव कुमार झा ने BNSS की धारा 180 के तहत अपने बयान में कहा है कि स्वप्ना संचिता ने न तो कभी कंपनी के कार्यालय का दौरा किया और न ही किसी बैठक में भाग लिया। इसके बावजूद उन्हें नियमित वेतन दिया गया, जिसकी जानकारी उन्हें स्वयं नहीं है। यह खुलासा जांच को और गहराई देने वाला माना जा रहा है।

