वन विभाग की टीम पर हमला, हथकड़ी सहित आरोपी को छुड़ाकर फरार हुए लोग
चतरा।झारखण्ड के चतरा जिले में वन भूमि पर अवैध कब्जा हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला किया गया है।इस हिंसक घटना में एक वनकर्मी की वर्दी फट गई, जबकि कई अन्य वनकर्मियों को गंभीर चोट आई है।हमले के दौरान अतिक्रमणकारियों ने अतिक्रमण के आरोपी महेश बांडों को हथकड़ी सहित जबरन छुड़ाकर ले गए।घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल है।वन विभाग के घायल कर्मियों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक टीम अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए चतरा के एक इलाके में गई थी। इस दौरान महेश बांडों नामक व्यक्ति को वन भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप में गिरफ्तार किया था।गिरफ्तारी के बाद उसे मेडिकल जांच के लिए वन विभाग की टीम सदर अस्पताल ले गई थी।
इसी बीच अचानक दर्जनों की संख्या में लाठी-डंडों से लैस कई लोग अस्पताल परिसर में पहुंच गए। लोगों ने वन विभाग के कर्मियों पर अचानक हमला बोल दिया।जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई।हमले के दौरान लोगों ने न केवल वनकर्मियों के साथ मारपीट की, बल्कि हथकड़ी के साथ ही महेश बांडों को छुड़ा ले गए।इस घटना में कई वनकर्मियों को गंभीर चोट आई है और एक जवान की वर्दी फट गई।घायल वनकर्मियों को तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और पुलिस प्रशासन से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फरार हुए आरोपी महेश बांडों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है।उन्होंने कहा कि वन भूमि पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, चतरा जिले में वन भूमि पर अवैध कब्जे की समस्या लंबे समय से चली आ रही है।कई बार वन विभाग की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और अतिक्रमणकारियों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन के सामने वन भूमि के संरक्षण और अतिक्रमण रोकने की चुनौती खड़ी हो गई है।
पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल परिसर में हुई इस हिंसक घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की बात कही जा रही है।इस मामले में थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है। इस घटना ने वन विभाग और स्थानीय समुदाय के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है, जिसके दीर्घकालिक समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

