विस्थापित युवक की मौत के बाद बोकारो बंद…..बंद समर्थकों ने बाइक और बस को किया आग के हवाले…सड़क पर आगजनी, बाजार बंद,जीएम गिरफ्तार
बोकारो।झारखण्ड के बोकारो में विस्थापित अप्रेंटिस संघ के आंदोलन के दौरान गुरुवार को लाठीचार्ज में एक युवक की मौत के बाद शुक्रवार को शहर पूरी तरह बंद कर दिया गया। सुबह से ही सड़कें सुनसान हैं। बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट जाम कर दिए गए हैं। कर्मचारियों को प्लांट में प्रवेश नहीं मिल रहा है।बंद समर्थकों ने सुबह 4 बजे इलेक्ट्रो स्टील की एक बस को आग लगा दी। यह बस सेक्टर 9 के स्टाफ को लाने जा रही थी। नया मोड़ बस स्टैंड से भी कोई बस नहीं चल रही है।वहीं, बोकारो के नया मोड़ स्थित दुंदीबाग में उपद्रवियों ने एक बुलेट बाइक में आग लगा दी। इस घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। वहीं, तेनुघाट डैम से शहर में पानी आता है, उसके नहर को काट दिया गया। इससे जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।शहर के प्रमुख स्थानों पर बंद समर्थक सक्रिय हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार रात 8 बजे ही विस्थापितों ने सिटी सेंटर की सारी दुकानों को बंद करा दिया था।
इधर भाजपा ने बंद का समर्थन किया है। कांग्रेस, जेएलकेएम, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और आम आदमी पार्टी ने भी घटना की निंदा की है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। फिर भी शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। बंद का असर न केवल औद्योगिक क्षेत्र में बल्कि आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है।
इधर, डीसी विजया जाधव के निर्देश पर बीएसएल के मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) हरि मोहन झा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद बीएसएल प्रबंधन ने विस्थापित अप्रेंटिस संघ की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया।बीएसएल प्रबंधन ने घोषणा की है कि जो अप्रेंटिस प्रशिक्षु अपना प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, उन्हें 21 दिनों के भीतर नए पदों पर नियुक्ति दी जाएगी और यह प्रक्रिया तीन माह के अंदर पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही, प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कोचिंग की व्यवस्था भी बीएसएल द्वारा की जाएगी
डीसी ने मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नियोजन देने की घोषणा भी की। इसके अलावा, घायलों को बीजीएच अस्पताल में मुफ्त इलाज और 10 हजार रुपए का मुआवजा देने की बात बीएसएल ने मानी।
बता दें बोकारो स्टील प्लांट में गुरुवार को विस्थापित अप्रेंटिस संघ के प्रदर्शन के दौरान सीआईएसएफ के लाठीचार्ज से घायल एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान शिबू टांड़ निवासी प्रेम महतो के रूप में हुई है।सीआईएसएफ के लाठीचार्ज में उसके सिर पर ही चोट लगी। वह सड़क पर गिर गया। उसके सिर से खून बहने लगा। लोग उसे लेकर बोकारो जनरल अस्पताल पहुंचे, जहां उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत की सूचना मिलते ही दर्जनों विस्थापित सेक्टर-4 सिटी सेंटर पहुंच गए और दुकानों को जबरन बंद करा दिया। कई दुकानदारों ने भी अपनी-अपनी दुकानें खुद ही बंद कर दी। बोकारो विधायक श्वेता सिंह और विस्थापित अप्रेंटिस संघ ने घटना के विरोध में शुक्रवार को बोकारो बंद की घोषणा की है। सूचना मिलने पर चास एसडीओ प्रांजल ढांडा, सभी डीएसपी व आसपास के थानेदार पहुंचे । एसडीओ बीजीएच भी पहुंची, जहां उन्होंने घायलों की जानकारी ली।विस्थापित अप्रेंटिस संघ समर्थक सुबह से ही एडीएम बिल्डिंग के समक्ष प्रदर्शन कर रहे थे। वे नौकरी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए। सुबह जहां सुरक्षा बलों के साथ आंदोलनकारियों की धक्का-मुक्की हुई, वहीं शाम होते-होते एडीएम बिल्डिंग के समक्ष युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई। जबरन धरना पर बैठे आंदोलनकारियों को हटाने के दौरान विस्थापित उग्र हो गए। देखते ही देखते ही सुरक्षा बलों के सामने डंडा लिए विस्थापित भी खड़े हो गए।
इस दौरान दोनों तरफ से लाठियां चलीं। सीआईएसएफ के जवान विस्थापितों पर भारी पड़े। एक दर्जन से अधिक विस्थापितों के सिर पर ही लाठी की चोट लगी। वहीं सूचना मिलने पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल के साथ सिटी व सेक्टर-4 थाना पुलिस पहुंची। इस दौरान सीआईएसएफ जवानों ने लाठी चार्ज कर विस्थापितों को भगा दिया।