रानी फॉल से लौटते ही बिगड़ी 18 बच्चों की तबीयत, रात में मचा हड़कंप; अस्पताल पहुंचे दोनों विधायक

 

खूंटी। शैक्षणिक भ्रमण के बाद घर लौटे स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से रविवार की देर रात कर्रा में हड़कंप मच गया। पीएम श्री उत्क्रमित मध्य सह उच्च विद्यालय तिलमी के 18 बच्चों को उल्टी, दस्त और सिरदर्द की शिकायत के बाद आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कर्रा पहुंचाया गया। देर रात तक सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया था।

बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर जैसे ही फैली, परिजन भी अस्पताल पहुंचने लगे। इसी बीच मामले की जानकारी मिलने पर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया और खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा भी देर रात सीएचसी कर्रा पहुंचे। दोनों विधायकों ने अस्पताल में भर्ती बच्चों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और चिकित्सकों से इलाज एवं स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।

अस्पताल पहुंचे दोनों विधायक, व्यवस्था का लिया जायजा

तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने बच्चों के परिजनों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चों की लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

विधायक ने गंभीर स्थिति की आशंका को देखते हुए एंबुलेंस को तैयार रखने को भी कहा। साथ ही प्रधानाध्यापिका पुष्पा बाखला को बच्चों के अभिभावकों के लगातार संपर्क में रहने और किसी बच्चे की हालत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता दिलाने का निर्देश दिया।

 बच्चे गए थे शैक्षणिक भ्रमण पर

प्रधानाध्यापिका पुष्पा बाखला के अनुसार, स्कूल के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर निकले थे। बच्चे कल्याण गुरुकुल, खूंटी होते हुए रानी फॉल गए थे। भ्रमण के दौरान बच्चों को दाल-चावल और आलू-कद्दू की सब्जी खिलाई गई थी। इसके अलावा कुछ बच्चों ने पिकनिक स्थल पर कोल्ड ड्रिंक और अन्य बाहरी खाद्य पदार्थ भी खाए थे।इसी के बाद 18 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई। हालांकि, बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।

डॉक्टर बोले- फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर

प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. पीसी झा ने बताया कि बच्चों में फिलहाल उल्टी, दस्त और सिरदर्द के लक्षण पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया बाहरी खान-पान को इसकी संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। अधिक बच्चों के अस्पताल पहुंचने की संभावना को देखते हुए सदर अस्पताल खूंटी को भी आवश्यक तैयारी रखने की सूचना दी गई है।

 

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