नगर निकाय चुनाव 2026: शहर की सरकार बनाने में राँची के मतदाता रहे उदासीन, सबसे ज्यादा सरायकेला नगर पंचायत में 75.35% पड़े वोट, राज्य भर में 61.24% हुआ वोटिंग
राँची।झारखण्ड में शहरी निकायों में सोमवार को हुए मतदान में एक बार फिर राजधानी राँची सहित अन्य मुख्य शहरों के मतदाताओं की उदासीनता देखी गई। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शाम 5 बजे तक हुए मतदान में राज्य के सभी 48 नगर निकायों में 61.24% मतदान हुए हैं। सबसे कम राँची नगर निगम क्षेत्र में 43.28 प्रतिशत मतदान हुआ है।
राँची सहित राज्य के नौ नगर निगम क्षेत्र पर नजर डालें तो सबसे कम राँची नगर निगम क्षेत्र में मतदान हुआ है।
नगर निगम क्षेत्र में-राँची में 43.28%, हजारीबाग में 49.95%, मेदिनीनगर में 57.41%, धनबाद में 48 %, गिरिडीह में 60 %, देवघर में 52.92%, चास में 49.76%, आदित्यपुर में 54.96% और मानगो में 50.70 % मतदान हुआ है।आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में मतदान हुआ है। यहां 75.35 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
इधर राजधानी राँची में कई ऐसे मतदान केंद्र दिखे, जहां मतदाताओं की उपस्थिति काफी कम रही।शहर का सबसे वीआईपी मतदान केंद्र माना जाने वाला एटीआई बिल्डिंग जहां राज्यपाल से लेकर शासन प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का नाम यहां के वोटर लिस्ट में शामिल है, वहां मतदान का प्रतिशत 20 भी नहीं पहुंचा। एटीआई परिसर में दो मतदान केंद्र बने थे। बूथ नंबर 01 पर वोटर लिस्ट में 996 मतदाता शामिल थे जिसमें मतदान समाप्त होने के वक्त 132 लोगों ने वोट डाला था।इसी तरह इसी परिसर में स्थित बूथ नंबर 02 में 755 वोटर में महज 141 ने मतदान किया।निर्वाचनकर्मियों ने भी माना कि यह बेहद ही चिंताजनक है कि इतनी कम संख्या में मतदाता यहां आए।
मतदान के लिए परेशान होते रहे वोटर
नगर निकाय चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की बड़े पैमाने पर शिकायतें देखी गईं। मतदाता वोट देने के लिए इधर से उधर भटकते रहे।मतदान केंद्र की सही जानकारी नहीं होने और परिवार में अलग अलग वार्ड और मतदान केंद्र पर वोट डालने की व्यवस्था के कारण मतदाताओं की परेशानी बनी रही।हालत यह कि एक परिवार में पति का दूसरे वार्ड में मतदान केंद्र था तो पत्नी का दूसरे वार्ड में मतदान केंद्र था।जाहिर तौर पर इन सभी परेशानी की वजह से लोग मत देने से अपने को किनारा करते दिखे। कुछ ऐसे भी हाई प्रोफाइल वोटर थे जो शनिवार रविवार और सोमवार लगातार तीन दिनों की छुट्टी का लाभ लेकर शहर से बाहर चले गए।इसके अलावे कई ऐसे भी वोटर हैं जो या तो देश के अन्य शहर या विदेश में नौकरी कर रहे हैं, मगर इनका नाम वोटर लिस्ट में यहां है।

