झारखण्ड एसीबी ने शराब घोटाले मामले में बड़ी कार्रवाई की,जगन तुकाराम को किया गया गिरफ्तार
राँची।झारखण्ड में शराब घोटाले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जगन तुकाराम देसाई को गिरफ्तार कर लिया है।जगन तुकाराम देसाई की गिरफ्तारी एसीबी ने गुजरात के बड़ौदा से की गई है। गिरफ्तारी के बाद रविवार को देसाई को राँची लाया गया है।गुजरात के बड़ौदा कोर्ट में पेशी के बाद जगन तुकाराम देसाई के ट्रांजिट रिमांड की अपील एसीबी ने की,जिसे अदालत ने स्वीकार लिया। जिसके बाद रविवार को जगन तुकाराम देसाई राँची लाया गया।
बता दें कि पूर्व में भी एसीबी कई बार जगन तुकाराम देसाई को पूछताछ के लिए नोटिस कर चुकी थी।हालांकि वह पूछताछ में एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे। एसीबी के मुताबिक, फर्जी बैंक गारंटी देने की वजह से मार्शन की वजह से सरकार को तकरीबन 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
एसीबी के द्वारा दी गई प्रेस रिलीज के अनुसार मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सेक्यूरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का चयन धनबाद जिला में मानव संसाधन प्रदाता के तौर पर हुआ था। कंपनी के प्रतिनिधि योगी आचारी के द्वारा 28 नवंबर 2023 को 5,02,07,576 रुपये की एसबीआई की बैंक गारंटी जमा की गई। बैंक से इसके सत्यापन के लिए जेएसबीसीएल ने पत्र लिखा।तब बैंक के द्वारा 6 दिसंबर 2023 को ही बताया गया कि किसी ने गलत तरीके से बैंक के लोगो, स्टॉप व अधिकारियों के हस्ताक्षर का प्रयोग कर फर्जी बैंक गारंटी बनायी गई है।एसबीआई के रत्नेश्वर ब्रांच ने कोई बैंक गारंटी जारी नहीं की।
7 दिसंबर 2023 को जेएसबीसीएल के जीएम फाइनेंस ने कंपनी को शोकॉज किया। तब मार्शन कंपनी ने संबंधित एसबीआई बैंक को ही दोषी बता दिया। 8 दिसंबर 2023 को पुन: बंधन बैंक की बैंक गारंटी जमा करायी गई। बंधन बैंक से जुड़ी बैंक गारंटी भी 31 मार्च 2025 को खत्म होने वाली थी, जिसे लेकर हाईकोर्ट में कंपनी ने वाद दायर किया। हाईकोर्ट ने मार्शन के मामले में भी बैंक गारंटी की अवधि विस्तार से संबंधित आदेश 19 फरवरी 2025 को पारित किया। अवधि विस्तार के लिए बैंक से जेएसबीसीएल ने सत्यापन कराया तो बंधन बैंक ने भी बताया कि उनके लोगो, हस्ताक्षर का गलत इस्तेमाल हुआ है।बैंक गारंटी को फर्जी बताया गया।
इस कंपनी के निदेशक जगन तुकाराम देसाई ने भी पूर्व में उत्पाद विभाग को दिए जवाब में बताया था कि उनके लोकल प्रतिनिधि नीरज कुमार ने धोखाधड़ी कर इस काम को अंजाम दिया। साथ ही बैंक गारंटी अवधि विस्तार से जुड़ा फर्जी पत्र भी हाईकोर्ट में दाखिल किया था।

